विवादों के बाद सिल्वर स्क्रीन पर उतरी पंजाबी फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ ने जहां नशे के कारोबार का सच दिखाने की कोशिश की है, वहीं यहां के युवा भी इसी गर्त में डूब रहे हैं। कई युवा आज विभिन्न तरह के नशे की जद में हैं और इसी को देखते हुए दूसरे राज्यों से नशे की बड़ी खेप अंबाला पहुंच रही है। हैरानी की बात यह कि यहां के शैक्षणिक संस्थानों से लेकर सेंट्रल जेल तक नशे के काले कारोबार की जड़े पैठ बना चुकी है।
यह है नशे की स्थिति
जिले में नशे के कारोबारी युवाओं पर नजरें जमाए हुए हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई बता रही है कि कैसे नशे के सौदागर अपनी पैठ बना रहे हैं। नशे के लिए युवा चूरापोस्त, अफीम के अलावा गोलियां, कैप्सूल, सीरप, फ्लूड डायल्टूर तक का इस्तेमाल करते हैं।
छोटी बस्तियों से बड़ा नेटवर्क
नशे का ये काला कारोबार दरअसल, कैंट व सिटी की छोटी-छोटी बस्तियों से शुरू होकर बड़ी पॉश कॉलोनियों, मोहल्लों, शैक्षणिक संस्थानों व रेस्तराओं तक फैलता है। घरों में ही अवैध शराब से लेकर अन्य नशा बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। लोग खुल्लमखुला अपनी-अपनी बस्तियों में ये कारोबार करते हैं और यही से नशा आगे सप्लाई कर देते हैं। हालांकि पुलिस इन बस्तियों व मंडियों में कई बार रेड भी कर चुकी है, इसके बावजूद नशे के कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
डेढ़ साल में पकड़े जा भारी मात्रा में नशीले, कैप्सूल व गोलियां
जिला दवा औषधि नियंत्रण विभाग की मानें तो बीते करीब डेढ़ साल में लगभग 25 मामले ऐसे सामने आए हैं। भारी मात्रा में ऐसी दवाएं काबू की गई हैं, जो बिना बिल के थीं और इनका इस्तेमाल नशे के लिए होने की पूरी आशंका हैं। इन मामलों में विभाग ने भी कार्रवाई की है, जबकि विक्रेताओं के लाइसेंस तक सस्पेंड किए हैं। जिला औषधि नियंत्रक दिनेश राणा का कहना है कि नशे के लिए दवाओं का इस्तेमाल काफी पैमाने पर होता है।
कुछ बड़े मामले जो रहे सुर्खियों में
- इटली के रहने वाले शख्स फेंको को पुलिस ने काबू किया, जो कुल्लू के पुलगा गांव से चरस मंगवाता था और फिर वाया मुंबई उसे इटली भिजवाता था। पुलगा से चरस अंबाला कैंट आती थी और यहां से ट्रेन में पार्सल बनकर मुंबई पहुंचती थी
- सेंट्रल में नशा सप्लाई करते हुए कुछ जेल कर्मी भी फंस चुके हैं, जबकि महिला समेत कई युवक भी जेल में नशा सप्लाई के मामले में धरे जा चुके हैं। कई बार तो जेल के भीतर बैरकों से नशा बरामद हो चुका है
- सिटी के बलदेव नगर पुलिस ने एक कार से भारी मात्रा में चूरापोस्त बरामद किया था
- पुलिस ने गत दिवस शाहबाद-अंबाला रोड से एक व्यक्ति को 20 किलो गांजा के साथ काबू किया
- नाइजीरिया मूल के विद्यार्थियों से कैंट के स्वास्तिक चौक से नशे का सामान बरामद किया
- कैंट के बीडी फ्लोर मिल के पीछे घर से भारी मात्रा में नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयां बरामद कीं
- सिटी के जगाधरी गेट से एक गोदाम से नशे की दवाइयां बरामद की गईं
- एक कथित महिला नेता के घर में बर्तन में छिपी हुई अफीम भी बरामद की गई थी
- इसी तरह बस स्टैंड व स्टेशन से कई नशा तस्कर नशीली दवाओं, इंजेक्शन व अन्य नशे के साथ काबू किए गए थे
- निकलसन रोड पर स्थित एक दवा कारोबारी का लाइसेंस रद किया गया था, उसके पास से नशीली दवाओं की बड़ी खेप मिली थी।
- शराब की अवैध पेटियों के मामले तो जिले में कई बार सामने आ चुके हैं
सख्ती से ही खत्म होगा नशा
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अंबाला कैंट चैप्टर के पूर्व प्रेसिडेंट एवं एमडी मेडिसन डॉ. डीएस गोयल का कहना है कि लंबे समय तक नशे का इस्तेमाल करने वाले लोगों को मिर्गी के दौरे पड़ने लगते हैं, उनकी पर्सनेलिटी पूरी तरह से बदल जाती है। इसके अलावा ऐसे लोगों का लीवर डैमेज होने की पूरी आशंका हैं।
यह नशा दिमाग पर भी असर डालता है। इसका दूसरा पहलू यह है कि ऐसे नशेड़ी समाज के लिए भी खतरा बने रहते हैं। उधर, समाज सेवी आनंद मोहन शुक्ला का कहना है कि अंबाला समेत हरियाणा में बढ़ रही नशाखोरी रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। एक अन्य समाज सेवी कर्ण कुमार ने इसी नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए सीएम विंडो पर शिकायत दी है।
साल दर साल नशे में उड़ रहा अंबाला
-वर्ष 2011- पुलिस ने एनडीपीएस के 43 केस दर्ज कर 54 लोगों को काबू किया। इनके पास से 4.465 किलो अफीम, 2.873 किलो चरस, चूरापोस्त 27 क्विंटल, 91 किलो 786 ग्राम, 681 ग्राम स्मैक, 480 ग्राम सुल्फा व अन्य नशीले पाउडर 500 ग्राम बरामद किए हैं।
-वर्ष 2012- पुलिस ने एनडीपीएस के 33 केस दर्ज कर 53 लोगों को काबू किया। इनके पास से 34 किलो 3755 ग्राम अफीम, 5 किलो 260 ग्राम चरस, चूरापोस्त 2 क्विंटल 47 किलो 250 ग्राम, स्मैक 495 ग्राम 535 मिलीग्राम, 20 ग्राम सुल्फा व अन्य नशीले पाउडर 2 किलोग्राम बरामद किए हैं।
-वर्ष 2013- पुलिस ने एनडीपीएस के 71 केस दर्ज कर 87 लोगों को काबू किया। इनके पास से 22 किलो 694 ग्राम अफीम, 60 ग्राम चरस, चूरापोस्त 2 क्विंटल 2 किलो 745 ग्राम, स्मैक 2.280 किलो 345 मिलीग्राम, गांजा 16 ग्राम 820 मिलीग्राम बरामद किए हैं।
- वर्ष 2014 - पुलिस ने एनडीपीएस के 31 केस दर्ज कर 53 लोगों को काबू किया। इनके पास से 909 ग्राम 250 मिलीग्राम अफीम, 285 ग्राम चरस, चूरापोस्त 1 क्विंटल 77 किलो 600 ग्राम, स्मैक 571 ग्राम 40 मिलीग्राम, ब्राउन शुगर 1 ग्राम 900 मिलीग्राम, 90 ग्राम 825 मिलीग्राम सुल्फा, नशीले कैप्सूल व टेबलेट 23230, इंजेक्शन 768 बरामद किए हैं।
- वर्ष 2015- पुलिस ने एनडीपीएस के 47 केस दर्ज कर 64 लोगों को काबू किया। इनके पास से 30 किलो 350 ग्राम अफीम, 230 ग्राम 860 मिलीग्राम चरस, चूरापोस्त 4 क्विंटल 71 किलो 100 ग्राम, स्मैक 78 ग्राम 308 मिलीगा्रम, ब्राउन शुगर 2 ग्राम 52 मिलीग्राम, 1 किलो 595 ग्राम सुल्फ व गांजा, नशीले कैप्सूलव 12678, 197135 नशीले टेबल, इंजेक्शन 1412बरामद व नशीले सीरप 33 लीटर 400 मिलीलीटर किए हैं।