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जब टांगरी का रिकार्ड ही नहीं, तो कैसे रुकेंगे अवैध कब्जे

Sat, 18 Jun 2016 12:58 AM IST
ब्यूरो/अंबाला,अमर उजाला
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जब टांगरी का रिकार्ड ही नहीं, तो कैसे रुकेंगे अवैध कब्जे - फोटो : अमर उजाला
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कैंट में बाढ़  की सबसे बड़ी वजह टांगरी नदी भी है। कैंट के भीतर जितनी भी ड्रेने है, जब वो ओवरफ्लो होती है, तो कैंट में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं, लेकिन जब टांगरी नदी ओवरफ्लो होती है तो कैंट में बाढ़ आ जाती है। कई जगह से किनारे टूटकर बहते हैं और कैंट समेत कई गांवों भी टांगरी की चपेट में आ जाते हैं।
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कई बार सामाजिक संगठन टांगरी के दुर्दशा को सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। हिमाचल और फिर पंजाब के हिस्से से होकर हरियाणा के अंबाला में प्रवेश करती हुई आगे जाने वाली इस नदी के हालात अंबाला में बहुत ही ज्यादा खराब है। समाज सेवी लोग इस बाबत अंबाला समेत पंजाब प्रशासन के आगे भी अपना दुखड़ा रोकर टांगरी के किनारों को पक्का करवाने और उसके बहाव को ठीक करने की बात कह चुके हैं।

इतना ही नहीं अब सूबे के मंत्री अनिल विज ने भी सिंचाई विभाग के अफसरों को टांगरी की सही तस्वीर दिखाते हुए कुछ अहम सुझाव देकर तुरंत कार्रवाई के आदेश भी दिए हैं। लेकिन मंत्री अनिल विज खुद उस वक्त हैरान रह गए, जब सिंचाई विभाग के अफसरों ने मंत्री को बताया कि उनके विभाग के पास तो अंबाला से गुजरने वाली टांगरी नदी का कोई पुख्ता रिकार्ड ही नहीं है ।
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यह सुनकर मंत्री अनिल विज खुद हैरत में पड़ गए और उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों से पूछा कि जब आपके पास रिकार्ड ही नहीं है, तो आप इस नदी के मेनटेनेंस कैसे करते हैं? इस पर अफसरों को कोई सटीक जवाब देते नहीं बना।

टांगरी नदी को नोटिफाई करने के दिए आदेश
मंत्री अनिल विज ने विभागीय अफसरों को आदेश दिए है कि वे जल्द से जल्द टांगरी नदी को नोटिफाई करवाएं। ताकि नदी की हालत को सुधारा जा सके। सिंचाई विभाग के एक्सईएन एके रघुवंशी ने कहा कि आज तक टांगरी नदी का कोई रिकार्ड महकमे के पास नहीं है, इसलिए इस नदी का कोई नोटिफिकेशन नहीं हो पाया। लेकिन अब इस प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा।

नदी को बीच से गहरा खोदने के आदेश
मंत्री ने सिंचाई विभाग के अफसरों को आदेश दिया कि नदी को नोटिफाई करवाने में वक्त लग जाएगा, लेकिन इस सत्र में हैवी मानसून की आशंका है, इसलिए तुरंत सिंचाई विभाग सबसे पहले नदी के बीच करीबन बारह मीटर चौड़ी और दस मीटर गहरी खुदाई शुरू कर दे और उस मिट्टी को आसपास ही इकट्ठा कर दें, ताकि खनन की उल्लंधन भी न हो, इसके जरिए टांगरी का बहाव तेज बने और जल्द अंबाला से आगे पानी निकले। मंत्री ने ये खुदाई केवल अंबाला की हद तक करने के ही आदेश दिए हैं।

ये हैं टांगरी की वर्तमान दुर्दशा
- अंबाला में टांगरी नदी का कुल दायरा करीबन सोलह किलोमीटर का है
- लेकिन इस नदी का कोई रिकार्ड सिंचाई महकमे के पास नहीं है
- इसी वजह से इस टांगरी नदी में ही आज चालीस से ज्यादा अवैध कालोनियों कट गई है
- एक ओर तो बांध बना हुआ है, लेकिन दूसरी ओर बांध ही नहीं है
- कालोनाइजरों ने यहां जमकर खेल खेला, धड़ल्ले से प्लाटिंग की और लोगों की गाढ़ी कमाई टांगरी नदी के बीच बनाए गए मकानों में लगवा दी
- इतना ही नहीं एक शोरूम तक भी टांगरी नदी के भीतर बना दिया गया
- दूसरी ओर, अभी भी बहुत से लोगों ने नदी के भीतर चहारदीवारी बनाकर खाली  जगह पर ही अपना कब्जा कर लिया है
- बड़ी हैरानी की बात यह कि टांगरी नदी में काट गई अवैध कालोनियों के प्लाटों की रजिस्ट्री तक तहसील कार्यालय ने कर दी
- दूसरी बड़ी हैरानी की बात यह कि यहां नदी में काटी गई अवैध कालोनियों के घरों में बिजली और पानी के कनैक्शन भी दे दिए गए
- नतीजतन टांगरी नदी सिकुड़ती चली गई और आज नदी के नाम भी कुछ खास नहीं बचा
- टांगरी नदी के वर्तमान दुर्दशा का जिम्मेवार कौन है? किसकी अनुमति से ये कालोनियां काटी गई? किसकी अनुमति से शोरूम बने? किसकी अनुमति से नदी में चहारदीवारी बनाकर खाली जमीन पर कब्जे हो रहे हैं? इस तरह के सवाल आज भी मुंह बाहे प्रशासन और सरकार के समक्ष खड़े हैं, लेकिन कोई अफसर इसका जवाब देने को तैयार नहीं है।

चहारदीवारी गिरवाने के आदेश, थमाया नोटिस
मंत्री अनिल विज ने फिलहाल इस मामले में सिंचाई विभाग के अफसरों को आदेश दिया है कि वे नदी की जल्द नोटिफिकेशन बनवाएं और खाली जमीन पर कब्जे के लिए जो चहारदीवारी की गई है, उसे तुरंत नोटिस देकर गिरवाएं। उनके अनुसार यदि इसी तरह नदी में कब्जे हो गए, तो कैंट को कब्जे से कौन बचाएगा? उधर, सिंचाई विभाग के एक्सइएन ने बताया कि चहारदीवारी बनवाने वाले को नोटिस दे दिया गया है।

सख्त कदम उठाए जाएंगे : विज
मैं खुद हैरान हूं कि सिंचाई विभाग के पास टांगरी नदी का कोई रिकार्ड ही नहीं है। अफसरों ने कभी इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। अब मैने इसे नोटिफाई करवाने के आदेश दिए हैं, ताकि मालूम चल सके कि टांगरी नदी की वास्तविक तस्वीर क्या थी और अवैध कब्जे के बाद क्या रह गई है। टांगरी नदी में बनाई जा रही चहारदीवारी और कब्जों को तुरंत रोकने व निर्माणाधीन ढांचों को गिराने के आदेश दे दिए हैं। कुछ भी हो जाए, कैंट वासियों को डूबने से बचाने के लिए हर सख्त कदम उठाए जाएंगें।
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-अनिल विज, कैबीनेट मंत्री, हरियाणा सरकार-
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