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Kurukshetra News: रासायनिक जांच के लिए भेजा गया जबड़ा और मस्तिष्क

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कुरुक्षेत्र। सन्निहित सरोवर से मंगलवार को बरामद बिना सिर का पोस्टमार्टम वीरवार को तीन चिकित्सकों के पैनल की ओर से किया गया। इस मेडिकल पैनल में तीन चिकित्सक डॉ. गौरव कोशिक, डाॅ. बलराज और डॉ. दिनेश शामिल रहे। इनमें से डॉ. गौरव थीम पार्क में मिले धड़ का पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में भी शामिल थे। पोस्टमार्टम, डीएनए व विसरा की केमिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सिर उसी शव का है या नहीं।
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फाॅरेंसिक विशेषज्ञ डाॅ. गौरव कौशिक ने बताया कि सन्निहित सरोवर से मिले सिर की प्रथम दृष्टया जांच में यह थीम पार्क में पाए गए धड़ से मेल खाता प्रतीत हो रहा है। जांच में सिर पर गर्दन काटने के अलावा कोई अन्य चोट का निशान नहीं मिला है। डीएनए मैचिंग के लिए जबड़े का एक दांत और केमिकल जांच के लिए दिमाग को फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है।
चिकित्सक ने बताया कि अक्सर केमिकल जांच के लिए आंत व पेट का विसरा भेजा जाता है लेकिन इसमें दिमाग के अलावा केमिकल जांच के लिए कुछ और नहीं था तो जांच के लिए मोगीपुर पंचकुला लैब में दिमाग ही भेजा गया है। यह सिर 10 दिन से ज्यादा पुराना लग रहा है और पानी में फेंके जाने के कारण यह खराब होने से बच गया।
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उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा की यह सिर थीम पार्क में मिले धड़ का है या नहीं। लेकिन शुरुआती जांच में गर्दन पर जो चोट के निशान हैं। वे बिल्कुल उसी धड़ पर मिले चोटों के निशान जैसे हैं।
गौरतलब है कि थीम पार्क में 30 दिसबंर को एक दिव्यांग व्यक्ति का सिर कटा शव मिला था। शव के पास से खून से सना चाकू भी बरामद हुआ था, जिसे हत्या के हथियार के रूप में जांचा जा रहा है। मृतक की उम्र 35-40 वर्ष के आसपास बताई जा रही है, लेकिन सिर न मिलने से पहचान में देरी हो रही थी। पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाशी ली, लेकिन सिर नहीं मिला था। अब सन्निहित सरोवर से सिर मिलने के बाद जांच को नई दिशा मिली है।
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