जाट समुदाय के लोगों ने सोमवार को दूसरे दिन भी सरकार और सांसद राजकुमार सैनी के खिलाफ नारेबाजी की। सोमवार को जाम लगाने के मुद्दे पर जाट समुदाय दो फाड़ हो गया। इससे सड़क जाम करने की कोशिश सिरे नहीं चढ़ सकी।
सोमवार सुबह आसपास के गांवों से जाट समुदाय के लोग अनाजमंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय पर पहुंचे। इनमें युवा भी शामिल थे। जाट समुदाय के लोगों ने बैठक में रविवार को लाडवा में लगाए जाम की समीक्षा की।
इस दौरान बुजुर्गों ने कस्बे के बाजारों को जबरन बंद कराने और दहशत फैलाने की निंदा की। उन्होंने ऐसे तत्वों को जाट आंदोलन के लिए हानिकारक बताया।
बैठक में युवाओं ने कुरुक्षेत्र-सहारनपुर मार्ग पर स्थित अंबेडकर चौक पर जाम लगाने का सुझाव दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर जाट समाज के बुजुर्ग लोगों ने एतराज जताया।
इसके बाद युवा भड़क गए और बैठक छोड़ कर जाम लगाने की तैयारी करने लगे। समाज के कुछ लोगों ने धरना और जाम को फिलहाल स्थगित करने का सुझाव दिया, लेकिन युवा जाम लगाने पर अडे़ रहे।
इससे नाराज होकर बुजुर्गों ने धरने और जाम से अपने को अलग कर लिया। उनके जाने के एक घंटे बाद तक युवा असमंजस में रहे। बाद में सभी मौके से चले गए।