कुरुक्षेत्र। शास्त्रीय संगीत समारोह में प्रस्तुति देती जापान की कलाकार मिकी शिमादा। संवाद
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संगीत एवं नृत्य विभाग द्वारा शास्त्रीय संगीत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जापान से आई मिकी शिमादा ने अपनी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
कलाकार मिकी शिमादा ने जापानी लोक संगीत सकूरा प्रस्तुत किया और साथ ही हिंदुस्तानी संगीत का राग बिहाग प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्होंने इसराज परराग पूरिया धनाश्री प्रस्तुत किया। उनके मुखारविंद से हिंदुस्तानी संगीत को सुन शिक्षक और विद्यार्थी गदगद हो उठे। पूर्व विभागाध्यक्षा प्रो. शुचिस्मिता ने बताया कि कलाकार मिकी शिमादा और उनके पति कोजी भी कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम विद्यार्थियों को परिश्रम करने की प्रेरणा देगा और उनमें नवीन ऊर्जा का संचार करेगा।
डॉ. अरूप चटर्जी ने तबले पर संगत दी और विभाग के विद्यार्थी हिमांशु जांगिड़ ने हारमोनियम पर साथ दिया। संगीत एवं नृत्य विभाग के विद्यार्थियों के लिए यह एक अलग अनुभव था। जापान की कलाकार हिन्दुस्तानी संगीत को सीखने के लिए पूर्ण समर्पण भाव से लगी हुई हैं। इससे विद्यार्थियों के मन में जापान के लोगों के लिए आदर के भाव पैदा हुए। साथ ही अपने संगीत की महानता भी उनके मन में उभर कर आयी कि हमारा संगीत विश्व के हर कोने में पहुंच रहा है और विदेशी लोग भी इसे सीख रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अशोक शर्मा ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों का धन्यवाद किया।