कुरुक्षेत्र। केशव पार्क में महायज्ञ के दौरान गोलीकांड के दूसरे आरोपी सोनीपत के कासंडी गांव के रहने वाले जयदीप को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे वारदात में प्रयोग की गई 30 बोर की पिस्टल बरामद की गई है। उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी देवेंद्र का तीन दिन का रिमांड खत्म होने पर वीरवार को दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे भी जेल भेज दिया गया। अब पुलिस को तीसरे आरोपी सोनीपत के सामड़ी गांव के रहने वाले रोबिन की तलाश है। इसके लिए सीआईए टीमें दबिश दे रही हैं। रोबिन दिल्ली पुलिस में तैनात था, जिसे पेपर लीक मामले में नाम आने पर बर्खास्त कर दिया गया था।
गोली कांड को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी दिल्ली फरार हो गए थे। वहां एक दिन रुकने के बाद तीनों पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग जगह निकल गए थे। पुलिस इनकी धरपकड़ में उनके गांव व अन्य जगहों पर दबिश दे रही थी। गांव में पुलिस की दबिश के बाद दोनों आरोपी देवेंद्र व जयदीप अपने-अपने पहुंच गए थे। उन्हें लगा कि अब दोबारा पुलिस यहां उनकी तलाश में नहीं आएगी। सीआईए दो की टीम ने धरपकड़ करते हुए आरोपी देवेंद्र को मंगलवार को उसके गांव हमायुंपुर रोहतक से काबू कर लिया था। रिमांड के दौरान 45 बोर की पिस्टल बरामद की थी।
सीआईए दो के प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि उक्त दोनों आरोपियों के मुताबिक उन्होंने रोबिन के कहने पर ही पंडितों पर गोली चलाई थी। क्योंकि रोबिन को स्वामी हरिओम ने भोजन व्यवस्था का जिम्मा सौंप रखा था और पंडित स्वामी के पास भोजन की शिकायत करने जा रहे थे। आरोपियों ने यह भी माना है कि उन्होंने पंडितों को रोकने व समझाने का प्रयास किया था लेकिन पंडित उनको धकेलते हुए आगे बढ़ने लगे तो रोबिन ने उनको रोकने के लिए गोली चलाने के आदेश दे दिए। इसके बाद दोनों आरोपियों ने एक हवा में फायर किया व उसके बाद एक पंडित आशीष तिवारी को सामने से गोली मार दी जो उसकी जांघ पर लगी। आरोपी जयदीप लंबे समय से रोबिन के साथ ही रहता था और अब पांच-छह महीने से उसके पास अंग रक्षक के तौर पर कार्य कर रहा था। दूसरा आरोपी देवेंद्र त्रिपुरा राइफल में कुछ समय सेवा देने के बाद रोबिन के पास नौकरी करने लगा था।
खराब भोजन व्यवस्था का भंडाफोड़ न हो इसलिए किया फायर
मोहन लाल के अनुसार आरोपियों ने माना है कि रोबिन स्वामी हरिओम के सामने अपनी खराब भोजन व्यवस्था के भंडाफोड़ होने से बचना चाहता था। इसलिए उसने हवा में फायर करने के आदेश दिए थे। फायर करने से पंडित और भड़क गए और उनकी ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद उन्हें रोकने के लिए आरोपियों ने पंडितों को निशाना बनाते हुए फायर कर दिया था।
यह था मामला
केशव पार्क में महायज्ञ के दौरान पंडितों की भोजन व्यवस्था सैनी धर्मशाला में की गई थी, जिसमें बासी खिचड़ी परोसने से पंडित नाराज हो गए व स्वामी को इसकी शिकायत करने के लिए स्वामी हरि ओम की कुटिया के बाहर पहुंच गए थे। उनको रोकने के लिए दो लोगों ने गोलियां चला दी थीं। जो लखनऊ से आए पंडित आशीष तिवारी की जांघ पर लग गई थी जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई गई थी।