कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संस्थान द्वारा एक सप्ताह के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन यूआईईटी निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने किया।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बहुआयामी उपयोगिता और उसमें आने वाली विभिन्न भविष्य की चुनौतियों का भी जिक्र किया और कहा कि एआई सिस्टम बहुत ज्यादा मात्रा में डेटा पर निर्भर करते हैं, जो लंबे समय में डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। क्योंकि यह संवेदनशील डेटा को उजागर कर सकता है। डायरेक्टर मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी गवर्नमेंट ऑफ इंडिया से डॉ. गौरव गुप्ता ने साइबर असुरक्षित और उससे जुड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। दूसरे सत्र में बीएमएल मुंजाल विश्वविद्यालय में कार्यरत डॉ. प्रिया नटराजन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से पाठ निर्माण, छात्र संलग्नता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में विकास में जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अनुप्रयोग पर चर्चा की।
गुजरात के प्रो. धवल मेहता ने रिसर्च के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न टूल्स के ऊपर विस्तृत चर्चा रॉबिन गौतम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा इसकी चुनौतियां और समाधान के ऊपर अपना व्याख्यान दिया। इस मौके पर एमएमटीसी की निदेशक प्रो. प्रीति जैन, कोऑर्डिनेटर प्रो. राजन शर्मा, डॉ. संचिता, सेवानिवृत्त प्रो. राजेंद्र नाथ, प्रो. विवेक चुग, प्रो. ऋषि राज शर्मा, डॉ. प्रियंका चौधरी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कानूनी प्रणाली में चुनौतियां और अवसर विषय पर अपना व्याख्यान दिया।