हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) के हरियाणा के सदस्य पंचायत चुनावों के दौरान प्रत्येक गांव में जाकर लोगों को सर्वसम्मति से पंचायत चुनने को कहेंगे।
इससे एक तो चुनावों में पैसों की बर्बादी रोकी जा सकेगी, वहीं इस दौरान होने वाले नशे के व्यापार पर भी अंकुश लग सकेगा। यह बात डेरा कार सेवा में प्रदेशस्तरीय बैठक में एचएसजीपीसी के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने कही।
झिंडा ने कहा कि प्रदेश भर के सभी सदस्य तीन मुख्य मुद्दों को लेकर इकट्ठा हुए हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए एचएसजीएमसी का गठन वैधानिक तरीके से हुआ है लेकिन केंद्र सरकार ने पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल के दबाव में सुप्रीम कोर्ट में जवाब दावा पेश किया है। यह यहां के लोगों के साथ धोखा है।
इस पर 24 सितंबर को बहस होनी है। अगर कोर्ट से हरियाणा लोगों के हित में फैसला नहीं आता है तो वे पंजाब सीमा को बंद कर देंगे और पंजाब से किसी को भी हरियाणा में घुसने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सिख किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। हरियाणा के सिख दो फाड़ नहीं होना चाहते। अगर हक नहीं मिला तो हम किसी भी हद तक जा सकते हैं।
हरियाणा में हो रहे पंचायत के चुनावों को लेकर झिंडा ने कहा कि प्रदेश में जो पंचायत सर्वसम्मति से चुनी जाएगी, उसे हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सम्मानित करेगी।
इसके अलावा संगठन को मजबूत करने के लिए जिला, ब्लॉक स्तर पर नई कमेटी का गठन किया जाएगा जो हरियाणा में हक की लड़ाई लड़ेगी। झिंडा ने प्रदेश और केंद्र सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ आंदोलन पर सवाल उठाते हुए कटाक्ष भी किए।