नहीं हो पाई सरकारी खरीद, आढ़ती और किसान परेशान
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लाडवा अनाजमंडी में सोमवार को धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई, जिससे मंडी में आया सैकड़ों क्विंटल धान बिना बिके पड़ा रहा। प्रदेश की मंडियों में 26 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन सोमवार दोपहर तक भी खरीद एजेंसियों तथा मार्केट कमेटी कार्यालय में खरीद शुरू करने के संबंध में कोई आदेश नहीं आए थे।
आढ़ती तथा किसान सरकारी खरीद को लेकर खरीद एजेंसियों के कार्यालयों के दिनभर चक्कर लगाते रहे। लाडवा अनाजमंडी में सोमवार को करीब छह हजार क्विंटल से अधिक धान की आवक हुई। स्थानीय व्यापारियों ने सोमवार को केवल 12 सौ क्विंटल 1509 किस्म का धान ही खरीदा गया, जबकि करीब पांच हजार क्विंटल धान सरकारी खरीद होने के इंतजार में बिना बिका पड़ा रहा। अभी तक अनाजमंडी में इस सीजन के दौरान करीब तीस हजार क्विंटल धान की आवक हुई है, जिसमें से व्यापारियों ने 26 हजार क्विंटल धान खरीदा है। अनाजमंडी में धान बेचने आए किसान जगबीर सिंह, अंकुर नागल, जोगिंद्र सिंह बडोंदा, पवन कुमार लाडवा, कुलदीप सिंह बराहण आदि ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सोमवार से धान की खरीद शुरू करने की घोषणा की थी, जिससे वे कंबाईन मशीन से अपनी धान कटवाकर मंडी में लाए थे।
लेकिन, सोमवार को पूरा दिन बीत जाने पर भी न तो सरकार ने ही खरीद की और न ही व्यापारियों ने उनका धान खरीदा। किसानों ने सरकार से तुरंत धान खरीद शुरू करने की मांग की है। वहीं राईस मिलर्स भी अपने पिछले बकाया को लेकर सरकारी खरीद में सहयोग देने से पीछे हट गए हैं। पिछले बकाया 250 करोड़ रुपये का भुगतान की मांग करते हुए भुगतान न होने तक सीएमआर के लिए नए एग्रीमेंट करने से मना कर दिया है, जिससे सरकार के साथ-साथ आढ़तियों तथा किसानों की समस्याएं बढ़ने के पूरे आसार बन गए हैं।
सरकार के लिखित आदेश आने पर होगी खरीद शुरू
लाडवा मार्केट कमेटी के सचिव जसबीर सिंह का कहना है कि अभी उनके कार्यालय में धान की सरकारी खरीद शुरू करने के बारे में कोई आदेश नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी ने धान की सरकारी खरीद के लिए पूरी तैयारी कर रखी है। जैसे ही सरकार का लिखित आदेश प्राप्त होगा, धान की खरीद तुरंत शुरू करा दी जाएगी।