कुरुक्षेत्र।आचार्यों को संबोधित करते हुए वक्ता। संवाद
कुरुक्षेत्र। गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा का शिक्षा में समावेश विषय पर आधारित आचार्य दक्षता वर्ग का आयोजन किया गया, जिसमें आचार्यों को शिक्षण की नई- नई गतिविधियों एवं तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन आचार्य डॉ. संतोष देवांगन ने किया।
संस्कृत आचार्य भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा बालक का सर्वांगीण विकास करके, प्रकृति संरक्षण ज्ञान, आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण, समस्याओं के समाधान का प्रशिक्षण देकर समरस समाज का निर्माण करते हुए सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण करती हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी भारतीय ज्ञान परंपरा का शिक्षा में समावेश पर विशेष बल देती हैं।
आचार्य डॉ. गार्गी शर्मा ने छात्रों में नैतिक मूल्यों का विकास के उद्देश्य हेतु नैतिक मूल्यों का गिरता स्तर एवं उनके उत्थान के उपायों पर चर्चा की। डॉ. संतोष देवांगन ने विद्याभारती के लक्ष्य, आधारभूत विषयों, विभिन्न वर्गों, विद्याभारती के पंच प्राणों, अप्रत्याशित कार्यक्रमों , गृह संपर्क एवं लोकमत के बारे में बताया और सभी को विद्याभारती की कार्यप्रणाली से अवगत करवाया। इस दौरान आचार्य अनूप ने एकल कविता सुनाई।