अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के बाद स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में धर्मनगरी में अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव मनाया जाएगा। 13 से 16 अप्रैल तक मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर में आयोजित किए जाने वाले महोत्सव पर प्रशासन ने अपनी मोहर लगा दी है। इस संबंध में जिला उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने वीरवार देर सायं अधिकारियों की एक बैठक ली। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 50 वर्ष पूरे होने पर सालभर चलने वाले स्वर्ण जयंती कार्यक्रमों की श्रृंखला में अब यह फिल्म महोत्सव मनाया जाएगा।
जिला प्रशासन, संस्कृति सोयाइटी फॉर आर्ट एवं कल्चरल डेवलपमेंट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस महोत्सव के लिए 17 देशों ने फिल्म दिखाने की स्वीकृति दे दी है और कई अन्य देशों से ओर फिल्मों की अनुमति मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में बच्चों, महिलाओं, नौजवानों, शिक्षाविदों और बुजुर्ग वर्ग के साथ प्रत्येक वर्ग के लिए फिल्में होंगी और प्रत्येक फिल्म स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर के साथ-साथ तमाम विषयों पर आधारित होंगी। इन 60 फिल्मों में 8 फीचर, 40 लघु, 10 म्यूजिक वीडियो व एक इरानी फिल्म चिल्ड्रन ऑफ हैवन दिखाई जाएंगी।
इस महोत्सव में सेलेब्रिटी के रुप में फिल्मी कलाकार मनोज वाजपेयी, यशपाल शर्मा, मेघना मलिक, अश्विनी चौधरी, गोबिंद नामदेव, रघुबीर यादव, मीता वशिष्ठ, जयदीप अहलावत, सुमित्रा पंडेनकर सहित अन्य जाने-माने फिल्मी कलाकार भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही हरियाणा प्रदेश में पहले अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर आयोजन सचिव दिनेश गोयल, एक्जीक्यूटिव डारेक्टर कमलजीत शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
हरियाणवी फिल्मों को भी रखा जाएगा दर्शकों के सामने
फिल्म महोत्सव के संयोजक निदेशक धर्मेंद्र डांगी और तकनीकी निदेशक नकूल देव ने बताया कि हरियाणा के इस पहले लघु फिल्म महोत्सव में विभिन्न देशों-प्रदेशों के साथ-साथ हरियाणवी फिल्मों को भी दिखाया जाएगा। इस फिल्म महोत्सव में डाक्यूमेंट्री फिल्में भी दिखाई जाएगी और महोत्सव को लेकर एक डाक्यूमेंट्री भी तैयार की जाएगी। इस महोत्सव में लाडो बसंती, म्हारा पीहर सासरा, म्हारी धरती म्हारी माँ, पीहर की चूंदड़ी, जर-जोरु-जमीन, रुक्के पड़ेंगे व बिन तेरे बेचैन हरियाणवी फिल्मों का दिखाया जाएगा। इस फिल्म महोत्सव से युवा पीढ़ी को एक मंच भी मिलेगा।
अंतिम दिन होंगी प्रतियोगिताएं
धर्मेंद्र डांगी व नकूल देव ने बताया कि महोत्सव के अंतिम दिन 16 अप्रैल को जहां अलग-अलग विषयों की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएंगा, वहीं स्थानीय कलाकारों को लेकर गीत-संगीत, लोक नृत्यों, एकल गायन आदि प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा और सर्वश्रेष्ठ कलाकारों को सम्मानित भी किया जाएगा।