कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर तट पर लगे शिल्प व सरस को देखने के लिए
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के चलते ब्रह्मसरोवर के घाटों पर देश की लोक संस्कृति व शिल्प का महाकुंभ बना हुआ है, जहां सहभागी देश तंजानिया व सहभागी प्रदेश ओडिशा से लेकर जम्मू कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी बंगाल, असम, राजस्थान, उत्तराखंड के कलाकार अपने-अपने प्रदेश के लोक नृत्यों से समां बांध रहे तो वहीं देश के विभिन्न राज्यों की ही नहीं बल्कि विदेशी शिल्पकला भी देखने को मिल रही है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के चलते महोत्सव में पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा। इससे ब्रह्मसरोवर के आसपास की सड़कें भी जाम रही।
महोत्सव के एक मंच पर देश-विदेश के अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति को देखकर हर कोई आनंदित रहा तो वहीं कलाकार भी दर्शकों के हुजूम और उत्साह को देखकर मदमस्त होकर अपनी प्रस्तुति देते रहे। पर्यटकों के सैलाब को देख शिल्पकारों के चेहरे भी खिले रहे तो जमकर खरीदारी भी हुई। महोत्सव के चलते ब्रह्मसरोवर तट के चारों ओर लोकनृत्य व वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियां गूंजती रहीं, जिसके चलते महोत्सव पूरे चरम पर दिखाई दिया। विभिन्न कलाकारों के बीच में से एक सपेरा बीन पार्टी अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महोत्सव में जगह-जगह घूमकर अपनी लोक वाद्य कला बीन का प्रदर्शन कर रही है। इसी के साथ जंगम जोगी और अन्य कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। सपेरा बीन पार्टी के कलाकार अपनी इस कला का प्रदर्शन इटली और दुबई में भी कर चुके हैं और पिछले कई वर्षों से गीता महोत्सव में लोगों को इस कला से आकर्षित कर रहे हैं, उनकी कला के प्रति पर्यटकों का उत्साह और रुझान निरंतर बढ़ रहा है।
वीआईपी आगमन के चलते पर्यटकों ने झेली परेशानी
भले ही महोत्सव शुरू होने से पहले केडीबी प्रशासन वीआईपी आगमन के चलते आम पर्यटकों को परेशानी न होने देने का दावा करता रहा लेकिन रविवार को जहां छुट्टी का दिन होने के चलते लाखों पर्यटक पहुंचे तो वहीं उपराष्ट्रपति, राज्यपाल व मुख्यमंत्री भी पहुंचे। वीवीआईपी आगमन के चलते सुबह से लेकर दोपहर तक पुरुषोत्तमपुरा बाग से लेकर हरियाणा व ओडिशा पवेलियन में आम पर्यटकों की आवाजाही रोक दी गई। यही नहीं ब्रह्मसरोवर के आसपास के रूट भी बंद कर दिए गए तो आमजन के वाहनों के लिए रूट डायवर्ट किए गए।