कुरुक्षेत्र।कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सरस्वती शोध उत्कृष्टता केंद्र और हरियाणा सरस्वती हेरिटेज डेवलपमेंट बोर्ड पंचकुला के संयुक्त तत्वावधान में पवित्र सरस्वती नदी पर आधारित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन 20 और 21 जनवरी को सीनेट हॉल एवं ऑडिटोरियम में किया जाएगा। सरस्वती नदी-भारतीय ज्ञान प्रणाली और संस्कृति की जननी विषय पर मंथन होगा।
उद्घाटन सत्र में प्रदेश के मुख्यमंत्री ओएसडी भारत भूषण भारती बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे, जबकि कांफ्रेंस की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा करेंगे। छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं सरस्वती शोध उत्कृष्टता केंद्र निदेशक प्रो. एआर चौधरी ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में हरियाणा सरस्वती विरासत विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच, बोर्ड के सीईओ डॉ. कुमार सुप्रविन, कांफ्रेंस के संयोजक प्रो. एके गुप्ता, सह-संयोजक लक्ष्य बिंद्रा, डॉ. दीपक जैन, दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी सिंह तथा पूर्व कुलपति प्रो. रमेश चंद भारद्वाज सहित अनेक प्रतिष्ठित विद्वान अपने विचार रखेंगे। वक्ता ऑनलाइन के माध्यम से भी जुड़ेंगे। कांफ्रेंस के माध्यम से सरस्वती नदी के महत्व को वैज्ञानिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समझने का सार्थक प्रयास किया जाएगा।
इन विषयों पर शोध किए जाएंगे पत्र प्रस्तुत
प्रो. एआर चौधरी ने बताया कि कांफ्रेंस में देश-विदेश से आए शिक्षाविद्, शोधार्थी और बुद्धिजीवी सरस्वती नदी से जुड़े ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक पहलुओं पर विमर्श करेंगे। इस दौरान सनातन परंपरा और सरस्वती, धरातल पर सरस्वती के प्रमाण, सरस्वती नदी के वैज्ञानिक साक्ष्य, नदी चैनल में नियमित प्रवाह बनाए रखने की रणनीतियां, पर्यावरण और सरस्वती, सप्त-सिंधु सरस्वती, उद्गम स्थल, जैव विविधता, पैलियो चैनल की भूमिका, बाढ़ नियंत्रण और भूमिगत जल रिचार्ज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।