राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों का निस्तारण करते अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह। संवा
पानीपत। 13वीं राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह समझौते के आधार पर 31,735 मुकदमों का निस्तारण किया। इनमें सबसे अधिक मामले यातायात नियमों का उल्लंघन के 27,152 मामले निस्तारित हुए। वहीं, बैंक, रिकवरी और अपराध के मामलों का भी निस्तारण किया गया।
चार माह पहले सड़क हादसे में स्कूल बस की टक्कर से नगर निगम सफाईकर्मी व उनके ताऊ के घायल होने के मामले का भी निस्तारण किया गया। बीमा कंपनी ने परिवार को 19.16 लाख रुपये का मुआवजा दिया। जिसके बाद फाइल को बंद कर दिया गया। वहीं, परिवार न्यायालय के भी 209 वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। पानीपत न्यायिक परिसर और समालखा उप डिवीजन में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई। सनौली खुर्द के अरुण कुमार ने बताया कि उनके ताऊ के लड़के शमशेर व पिता धर्म सिंह नगर निगम में कार्यरत थे। वे 12 अगस्त को एक ही मोटरसाइकिल पर पानीपत आ रहे थे। जैसे ही वह लिबर्टी फैक्टरी के पास पहुंचे तो दिल्ली वर्ल्ड स्कूल की बस ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। हादसे में वह दोनों घायल हो गए थे। जिनका शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार हुआ था।
सनौली थाना पुलिस ने बस चालक के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। पीड़ित परिवार ने मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में मुआवजे के लिए याचिका दाखिल की थी। शनिवार को लोक अदालत में दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया। बीमा कंपनी ने पीड़ितों को 19.16 लाख रुपये का मुआवजा दिया। अदालत ने मामले को निस्तारित कर दिया। लोक अदालत में मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के 670 वादों में से 105 का निस्तारण किया गया।