थानेसर के दौलतपुर और देवीदास पुरा प्राथमिक पाठशाला से मिड-डे-मील में कीड़े मिलने की शिकायत के बाद ब्लॉक के करीब 200 विद्यालयों में हजारों बच्चों को भोजन का वितरण रोक दिया गया। इससे स्कूलों में बच्चे भूख से व्याकुल हो उठे। ऐसे में मजबूरन बच्चों को छुट्टी कर घर भेजना पड़ा। मामला उजागर होने पर हरकत में आए अधिकारियों ने संस्था की रसोई में छापामारी कर जांच पड़ताल की, जहां राजमा की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। इसके बाद सैंपल भर जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही जांच कमेटी भी गठित की गई है।
थानेसर, पिहोवा और लाडवा ब्लॉक में करीब 500 प्राथमिक पाठशालाएं हैं, जिनमें हजारों की संख्या में बच्चे पढ़ते हैं। इन पाठशालाओं में मिर्जापुर गांव की संस्था की ओर से मिड-डे-मील भेजा जाता है। इसके तहत बुधवार को पिहोवा और लाडवा में पुलाव तथा थानेसर ब्लॉक के लिए मिड-डे-मील में राजमा-चावल भेजा गया।
प्राथमिक पाठशाला दौलतपुर और देवीदास पुरा में इस खाने को बांटा गया तो राजमा की सब्जी में कीड़े होने की शिकायत मिली। बच्चों की शिकायत पर हरकत में आए स्कूल प्रबंधन ने खाने की जांच की तो राजमा में कीड़े नजर आए। इसके बाद तत्काल बच्चों को खाना खाने से रोक दिया गया तथा मामले की शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की गई। फिर ब्लाक के सभी स्कूलों में बच्चों को खाना नहीं वितरित करने की हिदायत दी गई। राजमा में कीड़े मिलने के बाद भूख से व्याकुल बच्चों को दौलतपुर और देवीदास पुरा सहित कुछ अन्य विद्यालयों में सूखा चावल परोसा गया, लेकिन बच्चों ने खाने से मना कर दिया। मौके की नजाकत को भांपते हुए स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की छुट्टी कर घर भेज दिया।
दो माह पहले मिड-डे-मील में छिपकली मिलने की थी शिकायत
मिड-डे-मील में कीड़े मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी खाने की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सात मई को राजकीय मिडिल प्राइमरी स्कूल चनारथल में मिड-डे-मील खाने से कुछ बच्चों ने उल्टी और पेट दर्द की शिकायत की थी। तब एक बच्ची के पिता ने स्कूल से मिले मिड-डे-मील में छिपकली का बच्चा मिलने की शिकायत स्कूल की थी। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने मिड-डे मील खाने वाले सभी 110 बच्चों को बुलाकर सरकारी अस्पताल से उनकी जांच कराई थी।
दौलतपुर से देवीदास पुरा पहुंची सूचना
दौलतपुर प्राथमिक पाठशाला में मिड-डे-मील खाने में कीड़े मिलने की सूचना देवीदास पुरा पाठशाला सहित थानेसर ब्लॉक में आग की तरह फैल गई। इस पाठशाला में 625 बच्चे पढ़ते हैं, मगर जैसे ही सूचना मिली तो बच्चों को खाना खाने से रोक दिया गया। खाने की जांच की गई तो अन्य स्कूलों में भी राजमा की सब्जी से कीड़े मिले। उसके बाद बच्चों को बिना भोजन ही घर भेज दिया गया।
अधिकारियों को भेजी शिकायत
हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के जिला प्रधान राजपाल ने बताया कि मामले की सूचना और शिकायत विभाग के अधिकारियों को भेजी गई है। उन्हें खाने में कीड़े मिलने की शिकायत दोनों स्कूल से मिली थी। जांच में भी दोनों स्कूल में बांटी गई राजमा की सब्जी से कीड़े बरामद हुए हैं। वहीं राजमा की सब्जी बेहद सख्त थी, जिसे खाना भी मुश्किल था।
प्राथमिक जांच में खाने की गुणवत्ता मिली खराब : सतनाम सिंह
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह भट्टी ने बताया कि सूचना के बाद संस्था के स्टॉक की जांच की गई। जांच में राजमा की गुणवत्ता खराब पाई गई है। राजमा में सुराख थे, जो डोरे (कीड़े) के कारण थे। संस्था की रसोई से भी सैंपल भी भरे गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।