कुरुक्षेत्र। शहर में डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत हो गई है। परिजन मासूम को फोड़े का उपचार करवाने के लिए एक निजी क्लीनिक संचालक के पास लेकर गए थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि क्लीनिक संचालक ने मासूम को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिसके चलते मासूम की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में झांसा रोड निवासी आरोपी राकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में आरोपी के पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं मिलने की बात भी सामने आई है। सैनी काॅलोनी निवासी कर्मचंद अपने डेढ़ वर्षीय पोते वैदिक को घुटने पर हुए फोड़े के उपचार के लिए 15 जून की शाम एक स्थानीय क्लीनिक में लेकर गए थे। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक संचालक ने फोड़े का उपचार करने से पहले बच्चे को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद मासूम की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
परिजनों के मुताबिक जब बच्चे की हालत गंभीर हुई तो क्लीनिक संचालक ने उसे एक और इंजेक्शन दिया, जिसके बाद बच्चा बेहोश हो गया। हालात बिगड़ते देख आरोपी बच्चे और उसके दादा को स्कूटी पर एक निजी अस्पताल तक लेकर गया, लेकिन अस्पताल के बाहर छोड़कर वहां से भाग गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को दूसरे अस्पताल भेजा गया। बाद में हालत में सुधार न होने पर 17 जून को उसे पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया, जहां उपचार के दौरान वैदिक ने दम तोड़ दिया। थाना कृष्णा गेट प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया कि आरोपी राकेश कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गैर-इरादतन हत्या की धारा 105 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।