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Kurukshetra News: मथाना में फसल अवशेष प्रबंधन पर किसानों को दी जानकारी

Wed, 30 Oct 2024 03:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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पिपली। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से गांव मथाना में फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर ग्राम स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. सरिता रानी व डाॅ. ममता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
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डाॅ. सरिता रानी ने फसल अवशेष प्रबंधन करने से होने वाले फायदों की जानकारी देते हुए किसानों को अपने खेत की पराली न जलाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने बताया कि धान की पराली जलाने से मिट्टी, स्वास्थ्य तथा पर्यावरण को नुकसान होता है। पराली जलाने से होने वाले धुएं से आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी तथा अस्थमा के मरीजों को काफी परेशानी होती है जबकि इन्हीं फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाने से कई फायदे होते हैं।
डाॅ. ममता ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व और मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। कृषि विभाग के कृषि विकास अधिकारी डॉ. ईश मधु ने भी किसानों को पराली में आग न लगाने की अपील की।
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