कुरुक्षेत्र। छात्रों को कोर्स के बारे में जानकारी देते वक्ता। स्वयं
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईईटीआर) कुरुक्षेत्र की ओर से एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मिर्जापुर (कुरुक्षेत्र) में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों को विद्यार्थियों तक पहुंचाना रहा।
संस्थान की ओर से सहायक प्रोफेसर डॉ. विवेकानंद सिंह और डॉ. अजीत सिंह ने 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बताया कि आईटीईपी कोर्स के लिए एनटीए की ओर से आयोजित एनसीईटी (एनसीईटी) परीक्षा अनिवार्य है। इस कोर्स की खास बात यह है कि विद्यार्थी अपने तीन प्रमुख विषयों के साथ शिक्षा विषय को भी मुख्य विषय के रूप में पढ़ सकते हैं। प्रत्येक कार्यक्रम में 50-50 सीटें उपलब्ध हैं जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक बनने का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया कि आईटीईपी का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों को कुशल, रोजगारोन्मुख और व्यावहारिक शिक्षक बनाना है। इस कोर्स के माध्यम से भविष्य के शिक्षकों के प्रशिक्षण, शिक्षण कौशल और व्यक्तित्व विकास पर विशेष बल दिया जाता है। विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताया। जागरूकता अभियान में बीएड द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल, विनय राणा, कबीरा रानी, प्रोमिला, प्राचार्य रामकुमार, शिषक सुषमा, शीतल, शिक्षिका अनीता, सुदेश सहित अन्य सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।