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देश के लघु एवं मध्यम उद्योग झेल रहे तमाम परेशानी

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industrea - फोटो : Kurukshetra
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हरियाणा चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज की एक महत्वपूर्ण बैठक निजी होटल में आयोजित हुई। बैठक में लघु एवं मध्यम उद्योगों की दिन प्रतिदिन खराब हो रही स्थिति को लेकर उद्योगपतियों, निर्यातकों एवं व्यवसायियों द्वारा चिंता व्यक्त की गई। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए हरियाणा चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंघल ने कहाकि लघु एवं मध्यम उद्योगों से देश की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ता है। सरकार को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज उद्योग जगत को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनमें प्रमुख बैंकों द्वारा समय पर कर्ज सुविधा न देना, बैंकों की ब्याज दर का अधिक होना तथा लेबर कानून में पेचीदगियों का होना देश उद्योग जगत के लिए खतरे की घंटी है।
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प्रधान राजेंद्र सिंघल ने कहाकि लघु एवं मध्यम दर्जे के उद्योंगों की स्थिति सुधारने के लिए सरकार की नीतियों पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने सरकारी आंकड़ों पर चर्चा करते हुए बताया कि आज से आठ वर्ष पूर्व लघु एवं मध्यम दर्जे के उद्योगों से करीब साढ़े आठ करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहे थे, जो अब केवल छह करोड़ लोगों तक ही सीमित रह गए हैं। सिंघल ने बताया कि देश की जीडीपी के अंदर भी लघु एवं मध्यम उद्योगों का 65 प्रतिशत योगदान था, जो अब केवल 45 प्रतिशत रह गया है।
उन्होंने बताया इन उद्योगों का देश का निर्यात में 53 प्रतिशत से घटकर 36 प्रतिशत रह गया है। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन मार्केटिंग को भी दोषी ठहराया है। बैठक में महासचिव डॉ. नरेंद्रपाल गुप्ता, रविंद्र अग्रवाल, ईश्वर गुप्ता, कुलवंत सैनी, पंकज बजाज, अशोक गोयल, मंगत राम, रोशन लाल गर्ग, नरेंद्र ढींगरा, केवल अरोड़ा, अमित गर्ग, सत प्रकाश गुप्ता, रचित बंसल, राजेश सिंगला, सुखबीर सिंह व सतपाल खुराना मौजूद रहे।
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