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Kurukshetra News: सन्निहित सरोवर पर मंत्रोच्चारण और शंख ध्वनि के साथ दो दिवसीय वामन द्वादशी मेले का श्रीगणेश

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कुरुक्षेत्र। पवित्र सन्निहित सरोवर पर तीसरी बार मंत्रोच्चारण, शंख ध्वनि, परंपरा और विधि-विधान से दो दिवसीय वामन द्वादशी मेले का श्रीगणेश हुआ। शंख ध्वनि के साथ सर्वप्रथम तीर्थ पूजन किया गया। उसके बाद श्री वामन पुराण कथा का शुरुआत की गई। थानेसर के एसडीएम सुरेंद्र पाल, भाजपा जनता मोर्चा के जिला प्रधान रूबल शर्मा तथा स्थाण्वीश्वर मंदिर के व्यवस्थापक महंत रोशन पुरी ने सन्निहित तीर्थ की पूजा में हिस्सा लिया। मेले में पहली बार फूड कोर्ट लगाया गया। साथ ही क्राफ्ट मेला भी आयोजित किया गया।
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श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा, प्रधान श्याम सुंदर तिवारी तथा प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा के नेतृत्व में सभा के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। जैसे ही कथा व्यास आचार्य शुकदेव ने वामन पुराण कथा का आरंभ किया तो परिसर वामन भगवान के जयकारों से गूंज उठा। वहीं मुख्यातिथि एसडीएम सुरेंद्र पाल ने कहा कि मेले हमारी प्राचीन संस्कृति का अंग हैं। सनातन परंपराएं मेलों से जुड़ीं हुई हैं। मेलों के आयोजन से युवा पीढ़ी में धार्मिक भावना उत्पन्न होती है। अपनी सनातन परंपराओं का ज्ञान होता है। सभा ने दो वर्ष पूर्व इस मेले का पुनर्जागरण कर सराहनीय कार्य किया है। सभा सनातन परंपरा को संजोकर रखने के लिए बेहतर कार्य कर रही है।
रूबल शर्मा ने कहा कि वामन द्वादशी के मेले के आयोजन से युवा पीढ़ी को सनातन परंपराओं का ज्ञान मिलता है। इससे युवाओं को अपनी परंपरा और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। वहीं कथा के मुख्य यजमान महंत रोशन पुरी ने कहा कि अपने कर्तव्य का पालन करना ही धर्म है। विष्णु भगवान ने राजा बलि का अहंकार तोड़ने के लिए वामन के रूप में अवतार लिया था। कुरुक्षेत्र का वामन पुराण से गहरा संबंध है। विष्णु का वामन अवतार कुरुक्षेत्र की भूमि में ही हुआ था, वह अदिति के पुत्र थे।
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पुलस्त्य ऋषि ने नारद को सुनाई थी कथा
कथा का शुभारंभ करते हुए आचार्य शुकदेव ने कहा कि सबसे पहले पुलस्त्य ऋषि ने नारद जी को वामन पुराण की कथा सुनाई थी। वामन पुराण में शैव शक्ति की कथाएं भी हैं। इसमें वामन भगवान का विस्तृत वर्णन है। कुरुक्षेत्र में देवताओं का वास है यहां जो जन्म लेता है वह देवलोक से आया होता है। यहां के मानव, पशु, पक्षी सभी देवता हैं। जो ब्राह्मण जन्म लेता है वह ब्रह्मा से कम नहीं है। कुरुक्षेत्र की भूमि ब्रह्मा की भूमि है।

आज निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा
आज मंगलवार को सभा की ओर से नगर की प्रमुख धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से वामन भगवान की भव्य शोभायात्रा दोपहर दो बजे दुख भंजन मंदिर से शुरू होगी। स्वामी ज्ञानानंद, श्री जयराम संस्थाओं के अध्यक्ष ब्रह्मचारी ब्रह्मास्वरूप तथा स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर के महंत बंसी पुरी के सानिध्य में पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा मुख्यातिथि के रूप में शामिल होकर शोभायात्रा को रवाना करेंगे।

शाम को होगा भगवान का नौका विहार
शोभायात्रा के बाद शाम पांच बजे सन्निहित सरोवर में भगवान काे नौका विहार कराया जाएगा। इसके बाद तीर्थ की आरती होगी, जिसमे उपायुक्त शांतनु शर्मा मुख्यातिथि होंगे। शोभायात्रा पर ड्रोन से पुष्प वर्षा की जाएगी। वामन भगवान की पालकी को कंधों पर उठाकर नगर भ्रमण कराया जाएगा।

पहली बार लगा फूड कोर्ट
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से पहली बार फूड कोर्ट और क्राफ्ट मेला लगाया गया। साथ ही सन्निहित सरोवर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कला परिषद के कलाकारों ने कार्यक्रम में बेहतरीन प्रस्तुति दी। तीन साल में मेले के स्वरूप में काफी विस्तार हुआ है।
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