कुरुक्षेत्र। मधुमक्खी पालन केंद्र का भ्रमण करते वैज्ञनिक। संवाद
कुरुक्षेत्र। बागवानी विभाग की ओर से आईबीडीसी रामनगर में इंडो-इजराइल के तहत मधुमक्खी पालन प्रबंधन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को दूसरे दिन मधुमक्खी पालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से डॉ. योगेश कुमार, भूतपूर्व विभागाध्यक्ष, कीटविज्ञान विभाग, डॉ. मनोज कुमार, सहायक वैज्ञानिक, कीट वैज्ञानिक विभाग व डॉ. मनदीप राठी, कृषि विज्ञान केंद्र कैथल द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किये गये।
इस दौरान उपस्थित विशेषज्ञों ने मधुमक्खी पालन के द्वारा परागीकरण, मधुमक्खी पालन से प्राप्त होने वाले उत्पाद, गुणवत्ता नियंत्रण व रानी मधुमक्खी गुणन तथा शहद व अन्य उत्पादों द्वारा मूल्य संवर्धन जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए व प्रतिभागियों को अलग-अलग विषयों पर जानकारी प्रदान की। इस दौरान मधुमक्खियों से परागीकरण के फायदों के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।
प्रतिभागियों द्वारा गांव मच्छरौली स्थित मधुमक्खी अपायरी का भ्रमण किया और वहां उपस्थित किसानों से मधुमक्खी पालन से संबंधित गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की। प्रतिभागियों ने केंद्र द्वारा संचालित उत्कृष्ट गांव योजना की प्रशंसा की तथा मधुमक्खी केंद्र द्वारा किसानों के हित में किये जा रहे प्रयास को अपने संबंधित राज्य में अपनाने के बारे में भी इच्छा जताई। बागवानी उपनिदेशक डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने सभी प्रतिभागियों से मधुमक्खी पालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया एवं आगामी वर्षों में हरियाणा राज्य एवं अन्य राज्यों में मधुमक्खी पालकों के सामने आने वाली विभिन्न समस्याओं के निदान हेतु मिल-जुलकर कार्य करने का आह्वान किया।