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Kurukshetra News: सड़काें पर छोड़ दिए अवैध कट, रोज हो रहे हादसे

Thu, 22 Feb 2024 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। जिले भर की सड़कों पर अवैध कट राहगीरों के लिए हादसे का कारण बने हैं, जिसके चलते कई बार राहगीरों की जान तक चली जाती हैं। हालांकि जिले भर की सड़कों पर इन अवैध कटाें को बंद किए जाने के लिए कई बार अधिकारियों की ओर से संबंधित विभागों को आदेश भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन फिर भी संबंधित विभाग इन अवैध कटों को बंद करने की जहमत नहीं उठा रहे हैं।
हालात यह है कि शहर की लाइफ लाइन कही जाने वाली दो साल पहले ही तैयार हुई पिपली थर्ड गेट मुख्य सड़क पर ही करीब आधा दर्जन अवैध कट है, जिससे हर रोज राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं।वैध कटों को लेकर हर माह होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी मंथन होता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि इन अवैध कटों के चलते हादसे हो रहे हैं, लेकिन फिर अवैध कटों को बंद किए जाने के आदेश महज आदेश बनकर ही रह गए हैं।
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इन अवैध कटों से हर रोज सैकड़ों लोगों का आना जाना लगा रहता है और होने वाले इन हादसों में किसी की जान जा रही हैं तो कोई गंभीर तौर पर चोटिल भी हो चुका है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में स्पीड ब्रैकरों से लेकर अवैध कटों के साथ-साथ ओवर स्पीड, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ड्राइविंग करते समय मोबाइल का प्रयोग और शराब पीकर वाहन चलाने पर होने वाले चालानों को लेकर भी हर बार चर्चा होती हैं। लेकिन फिर भी दुर्घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग पा रही हैं।


अवैध कटों से लोग हो रहे चोटिल
राहुल कुमार का कहना है कि अवैध कटों के चलते लगातार हादसे हो रहे हैं, जिसके कारण कई बार राहगीर चोटिल हो जाते है तो कई बार मौत का शिकार भी हो जाते हैं। इन अवैध कटों को बंद करने के लिए कोई भी अधिकारी गंभीर नहीं है। हर साल अवैध कटों के कारण लोग चोटिल हो रहे हैं, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
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अवैध कटों के आदेश फाइलों तक सिमटे
राहगीर विनोद कुमार का कहना था कि पिपली से थर्ड गेट व रेलवे रोड पर भी कई अवैध कट है, जिनका लोग प्रयोग करते हैं। इन अवैध कटों के कारण हर रोज हादसे होते रहते हैं। अनेकों लोगों को चोटें आ चुकी हैं। इन कटों को बंद करने के लिए हर सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में आदेश भी जारी होते हैं, जो कि मात्र कागजों में ही सिमट कर रह गए हैं।
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