हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी का प्रधान कौन होगा, यह तस्वीर अभी तक साफ नहीं हो पाई है। आजाद विजेताओं के सहारे अपना-अपना दावा ठोक रहे विभिन्न गुटों की चुनौती बढ़ गई है। अब ये आजाद ही एक बैनर के नीचे आ गए हैं और रविवार को कैथल के एक निजी पैलेस में एकजुट होकर अकाल पंथक मोर्चा का गठन कर लिया।
थानेसर वार्ड 15 से आजाद विजेता रहे हरमनप्रीत सिंह का कहना है कि एक साथ जुटे 19 आजाद विजेता प्रत्याशियों ने अकाल पंथक मोर्चा बनाकर बड़ा कदम उठाया है। पहली ही बैठक में हर किसी के चेहरे पर उत्साह बना हुआ था। उन्होंने कहा कि संगत ने उन्हें चुना है और सभी प्रत्याशियों की जिम्मेदारी है कि वे बेहतर कमेटी बनाकर संगत को दें, ताकि गुरुघरों का संचालन सही हो सके। इसी के चलते मोर्चा बनाया गया है। यहां तक कि गुटों को भी जुड़ने का संदेश भेजा गया है, ताकि अच्छे प्रत्याशी शामिल हो सके। अब मंगलवार को होने वाली बैठक में भी विस्तार से चर्चा होगी।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 40 सदस्य चुने जाने के बाद अब नौ सदस्य मनोनीत होने हैं। इसके लिए सिख गुरुद्वारा चुनाव आयोग ने दो फरवरी को पंचकूला में बैठक बुलाई है, जिसमें इन नामित सदस्यों के नाम पर मोहर लगेगी। चुनाव में हारे प्रत्याशी भी नामित सदस्य के तौर पर कमेटी में एंट्री कर सकते हैं। चर्चा है कि ऐसे कईं प्रत्याशी एड़ी चोटी का जोर भी लगाए हुए हैं लेकिन संगत ऐसे प्रत्याशियों के विरोध में उतर आई है।
सोमवार को गुरुद्वारा छठी पातशाही में भी संगत की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि ऐसे प्रत्याशियों की एंट्री नहीं होने दी जाएगी। संगत उन्हें हराकर पहले ही फैसला दे चुकी है और इसके बावजूद भी उन्हें मौका दिया गया तो संगत कड़ा आंदोलन करेगी। करीब एक घंटा तक बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा भी की गई, जिसमें सरदार अमीर सिंह, सतनाम सिंह, महेंद्र सिंह, जसबीर सिंह व जसविंद्र खैरा सहित कई लोग शामिल हुए।