कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान शाहाबाद के संचालन में कोई परेशानी न आए, इसके लिए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी जल्द ही एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी से मुलाकात करेगी, जिस दौरान चर्चा की जाएगी कि जब तक हरियाणा कमेटी का बजट पास न हो जाता तब तक संस्थान के संचालन के लिए बजट की व्यवस्था जारी रखी जाए। एसजीपीसी यह कदम मानवता की भलाई के लिए उठाए।
हरियाणा कमेटी यह संस्थान के संचालन को पहले की तरह जारी रखने के लिए कदम उठाएगी, ताकि यहां हर रोज होने वाली 700 से एक हजार तक की ओपीडी चलती रहे। झींडा ने कहा कि किसी भी स्तर पर संस्थान के संचालन में परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने संस्थान के चिकित्सकों की दो माह की रुकी सैलरी पर कहा कि कानूनी तौर पर ध्यान रखते हुए सैलरी जारी करवाई जाएगी। जो सैलरी एसजीपीसी को देनी बनती है वो चर्चा कर दिलाई जाएगी और जो हरियाणा कमेटी की बनती है वह कमेटी देगी लेकिन चिकित्सकों व अन्य किसी कर्मी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
उधर, संस्थान के चिकित्सक सैलरी न मिलने पर पिछले सप्ताह ही हड़ताल पर भी उतर आए थे, जिन्हें झींडा ने आश्वासन दिया था तो वे ड्यूटी पर लौटे थे।हालांकि मंगलवार को होने वाले इजलास पर भी संगत व हर किसी की निगाहें टिकी थी कि कोई ठोस फैसला कमेटी के सही संचालन को लेकर लिया जा सकता है लेकिन यह नहीं हो सका। ऐसे में अब कमेटी के सामने संस्थान को चलाना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सरकार की ओर से रही कमी के चलते वापस आया जत्था
हरियाणा कमेटी प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि नौ जून को पाकिस्तान के लिए भेजा गया धार्मिक जत्था वापस लौटने के लिए मजबूर हुआ। इसके पीछे सरकार की ओर से कमी रही। सरकार नौ दिन में पूरी प्रक्रिया करने का मौका देती है, जिसमें दो छुट्टियां भी आ जाती है। आगे ऐसा न हो, इस पर विचार किया जा रहा है।