शाहाबाद। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा शनिवार शाम को मीरी -पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च पहुंचे और औचक निरीक्षण किया। यह संस्थान हरियाणा का एकमात्र प्रमुख सिख मेडिकल संस्थान है, जो अब तक एचएसजीएमसी के अधीन नहीं आया है। इसका मुख्य कारण यह है कि यह संस्थान एक अलग ट्रस्ट द्वारा संचालित होता है और इसे कमेटी के अधीन लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी।
इस दौरान झींडा ने स्पष्ट किया कि 2022 में जब सुप्रीम कोर्ट ने एचएसजीएमसी के पक्ष में फैसला सुनाया था, तभी इस संस्थान को कमेटी के अधीन लाने के प्रयास शुरू कर देने चाहिए थे। मगर अब देरी की भरपाई करते हुए हरियाणा कमेटी जल्द इस संस्थान को अपने अधीन लाएगा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि यह संस्थान एक महत्वपूर्ण स्थान नेशनल हाईवे पर स्थित है, जहां दूर-दराज़ से मरीज और उनके परिजन आते हैं। इसलिए संस्थान परिसर में एक गुरुद्वारा साहिब और एक सराय (रहने की सुविधा) का निर्माण किया जाएगा, ताकि मरीजों और उनके साथ आए लोगों को धार्मिक और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि गुरुद्वारा साहिब में 24 घंटे लंगर सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसी भी समय आने वाले लोगों को भोजन की समस्या का सामना न करना पड़े।
अस्पताल के इमरजेंसी लैंडिंग वार्ड, विभिन्न विभागों और कॉलेज की बन रही नई इमारत का निरीक्षण भी किया और संस्थान में मौजूद ढांचे को प्रभावशाली बताते हुए कहा कि इसे और भी बेहतर बनाया जाएगा। यहां एमबीबीएस कॉलेज शीघ्र शुरू हो, जिसे लेकर सभी आवश्यक कानूनी, प्रशासनिक और तकनीकी कार्रवाइयां तेज़ी से पूरी की जाएंगी। प्रधान झींडा ने कहा कि एचएसजीएमसी की यह प्राथमिकता रहेगी कि हरियाणा के सभी सिख संस्थानों को एक छत के नीचे लाया जाए, ताकि सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर एचएसजीएमसी के एग्जीक्यूटिव सदस्य कुलदीप सिंह मुल्तानी, वार्ड-12 सदस्य इंद्रजीत सिंह, अमीर सिंह और शमशेर सिंह भी उपस्थित थे।