कुरुक्षेत्र। पत्रकारां से बातचीत करते जानकारी देते बागवानी यूनिवर्सिटी करनाल के कुलपति डॉ. एसक
लाडवा। प्रदेश में लगातार बागवानी की उपयोगिता बढ़ती जा रही है। बागवानी खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा और आजीविका को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। यह कहना है महाराणा प्रताप बागवानी यूनिवर्सिटी करनाल के वाइस चांसलर डॉ. एसके मल्होत्रा का। वे शुक्रवार को उद्यान विभाग के उप कृषि ओसियन कटिबंधीय फल केंद्र में फल मेले में शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बागवानी यूनिवर्सिटी के छह रिसर्च केंद्र प्रदेश में काम कर रहे हैं, ये भिवानी, सोनीपत, जींद, अंबाला, झज्जर और करनाल में स्थित है। प्रदेश में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में बागवानी अपना विशेष योगदान दे रही है। वहीं बागवानी में बड़े पेड़ पौधे होने से पर्यावरण सुरक्षा में भी योगदान की बात किसानों को समझाई जा रही है।
इसके अलावा बागवानी से अच्छी आमदनी लेकर किसान अपने परिवार का अच्छे से पालन पोषण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को आमदनी बढ़ाने के लिए बागवानी के साथ-साथ मसालेदार औषधीय पौधे और सब्जी को भी शामिल करना चाहिए। पेड़ पौधे पर्यावरण की कार्बन डाइऑक्साइड को खुद के अंदर समा लेते हैं, जिससे पर्यावरण का बहुत फायदा होता है। बागवानी के क्षेत्र में प्रदेश सरकार अनूठे प्रयास कर रही है।