कुरुक्षेत्र। पत्रकारों से बातचीत करते जवाहर सैनी व अन्य। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। जिला कार्यालय गीता कमल में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता जवाहर सैनी ने कहा कि स्वदेशी संकल्प कोई नारा नहीं बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव है। यह आह्वान है कि हम अपने देश में बने उत्पादों को अपनाएं, अपनी संस्कृति को गले लगाएं और भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएं।
उन्होंने कहा कि हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी हमारा मंत्र, लक्ष्य और शक्ति है। स्वदेशी न केवल आर्थिक पहलू है बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और आत्मा का प्रतीक भी है। योग, आयुर्वेद, हस्तशिल्प और भारतीय उद्योगों ने विश्व स्तर पर देश की पहचान बनाई है। सैनी ने कहा कि जब हम स्वदेशी अपनाते हैं तो अपने देश की मिट्टी, कारीगरों, किसानों और छोटे व्यापारियों से जुड़ते हैं।
आत्मनिर्भर सह संयोजक प्रीति जौहर ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी जी ने हमें सिखाया कि आर्थिक आत्मनिर्भरता ही सच्ची सुरक्षा है। भारतीय उद्योग, प्रौद्योगिकी, कृषि और लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर उन्होंने दिखाया कि विकास हमारे अपने हाथ में है। यही सोच आगे चलकर 1991 में आत्मनिर्भर भारत आंदोलन की प्रेरणा बनी।