संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। रोजगार, स्वरोजगार और जनहित के कार्य को आगे बढ़ाती हिंदी, सबको सरल सौम्य बनाती हिंदी। हिंदी भाषा के महत्व की ये जानकारी केयू के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान की निदेशिका प्रोफेसर बिंदु शर्मा ने दी। वे विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘आओ हिंदी को आगे बढ़ाए’ कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में लोगों को संबोधित कर रहीं थीं।
उन्होंने कहा कि भारत के मीडिया क्षेत्र में वर्तमान में सबसे अधिक हिंदी में समाचार-पत्र, पत्रिकाएं, चौनल, वेबसाइट, न्यूजपोर्टल संचालित है, जिससे लोगों को अधिक रोजगार, स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। संस्थान की सहायक प्राध्यापिका डॉ. मधुदीप सिंह ने कहा कि भारत में हिंदी ही ऐसी भाषा है जो अधिक लोगों को एक साथ जोड़ सकती है। संस्थान के सहायक प्राध्यापक डॉ. अभिनव ने कहा कि कोई भी भाषा आपको संस्कृति, सभ्यता, रिति-रिवाज सिखाती है जिससे अधिक से अधिक समाज को समझने का अवसर मिलता है।
सहायक प्राध्यापक डॉ. रोशन मस्ताना ने कहा कि अच्छे विचार केवल आपको अपनी मातृभाषा में ही आ सकते हैं, संस्थान की सहायक प्राध्यापिका डॉ. रोमा सिंह ने कहा कि आज की वर्तमान पीढ़ी को हिंदी की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए जिससे वे अपनी संस्कृति, इतिहास को समझ सके। है। विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रदीप राय ने हिंदी दिवस मनाने की जरूरत के बारे में जानकारी दी।
कंवरदीप शर्मा ने कहा कि हिंदी को राजभाषा के तौर पर मान्यता दिलाने के लिए वे भारत सरकार से पत्र व्यवहार करेंगे। इस अवसर पर संस्थान के विद्यार्थियों ने कविता, गजल, गीत गाकर हिंदी का गुणगान किया। बीए जर्नलिज्म के पांचवे सेमेस्टर के विद्यार्थी अनिल कुमार ने कहा कि मां मातृभूमि मातृभाषा से जुड़ा व्यक्ति हर तरह से सफलता पाता है। इस मौके पर डॉ. तपेश किरण, सचिन, कंचन, अर्पणा, सचिन कुमार, गुरदीप धीमान उपस्थित रहे।