कुरुक्षेत्र। हिंदी राष्ट्रीय विचारधारा एवं संस्कृति की वाहक भाषा है। हिंदी हमारी मातृभाषा है। पूरे विश्व में तीसरी बड़ी भाषा हिंदी है जो सबसे ज्यादा बोली जाती है। विश्व में बहुत बड़ी संख्या में लगभग 75 करोड़ लोग हिंदी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। उक्त विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने वीरवार को हिंदी विभाग में हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
कुलपति ने कहा कि देश में प्रथम भाषा हिंदी है, दूसरे नंबर पर आठ प्रतिशत के साथ बंगाली और सात प्रतिशत के साथ तीसरे नंबर पर मराठी बोली जाती है। देश में लगभग 44 प्रतिशत लोग हिंदी बोलते हैं। कभी भी हिंदी का प्रयोग करते समय यह न सोचे कि हिंदी किसी भी मामले में अंग्रेजी से कम है। हिंदी में हम जैसा लिखते है वैसा ही बोलते है यही इसकी ताकत है। जबकि अंग्रेजी में ऐसा नहीं है। जो भाषा विलुप्त हो गई उसके साथ उस संस्कृति को मानने वाले लोग भी विलुप्त हो गए हैं। अपनी संस्कृति को सहेजने के लिए हम अपनी भाषा को भी सहेजे और इसके प्रचार प्रसार व संवर्धन करने का कार्य भी करें।
कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि हिंदी दिवस को मनाने का मकसद लोगों में हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता लाना है। वैसे तो हमारे देश में कई भाषाएं और बोलियां हैं, लेकिन देश की ज्यादा आबादी बोलचाल में हिंदी का इस्तेमाल करती हैं।
हिंदी विभाग की अध्यक्षा प्रो. पुष्पा रानी ने कहा कि देश में राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हर साल 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर प्रो. सुभाष प्रो. मनोज जोशी, डॉ. विकास सभ्रवाल, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. दीपक राय बब्बर सहित अन्य मौजूद रहे।