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मृत लोगों का राशन डकारने और गरीबों को कम राशन देने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

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गरीबों और मृत लोगों का राशन डकारने वाले डिपो होल्डर के खिलाफ हाईकोर्ट ने सख्त संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत आरोपी डिपो होल्डर के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि डिपो होल्डर ने मृत लोगों के नाम का राशन डकारने के साथ-साथ गरीबों को सरकार की ओर से मिलने वाले राशन में भी कटौती करके शोषण किया है। यहां बता दें इस मामले की जांच जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से गई थी। तब विभाग ने आरोपी डिपो होल्डर को चेतावनी और जुर्माना लगाकर छोड़ दिया था। इस फैसले से गांव भगवानपुर और रामनगर के लोगों में रोष था। लिहाजा, उन्होंने आरोपी डिपो होल्डर के खिलाफ कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। ग्रामीण संदीप सिंह, रविंद्र कुमार, सतपाल, संदीप सिंह पुत्र जरनैल सिंह, संजीव कुमार, कर्मो देवी, सुरेश कुमार व सुरेंद्र कुमार ने उच्च न्यायालय के अधिवक्ता प्रदीप रापडिय़ा के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए गुहार लगाई कि उनके दोनों गांवों का डिपो होल्डर कई सालों से न सिर्फ उनको कम राशन दे रहा है, बल्कि कई वर्ष पहले मर चुके लोगों के नाम से भी राशन डकार रहा है। इस बारे में गांव के लोगों ने सीएम विंडो पर भी शिकायत की थी, लेकिन अधिकारियों ने शिकायत पर खानापूर्ति करते हुए राशन की कीमत वसूल करके और डिपो होल्डर को चेतावनी देकर छोड़ दिया था। आरोप लगाया कि अगर मामले की जांच होती तो अधिकारियों की मिलीभगत सामने आती, मगर जांच करने वाले अधिकारियों ने गंभीरता से जांच नहीं की थी। अधिवक्ता प्रदीप रापड़िया की दलील सुनने के बाद डिपो होल्डर व प्रदेश सरकार को 30 नवंबर तक जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया गया है। जारी नोटिस में कहा गया है कि क्यों न भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जाए।
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विभाग के डीलिंग क्लर्क बलदेव शर्मा ने हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में नोटिस जारी होने की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी नोटिस जारी हुआ है। केस में कौन सी तिथि लगी है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इस मामले में सीएम विंडो की शिकायत पर जांच हुई तो डिपो होल्डर को दोषी पाया था और उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया था। वहीं राशन डकारने के मामले में 7700 रुपये की रिकवरी की गई थी।
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डीएफएससी केके गोयल ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। अगर कोई मामले सामने आया या नोटिस मिला तो कार्रवाई जरूर की जाएगी।
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