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Haryana: संस्कृति और इतिहास से जुड़ने का सशक्त माध्यम है हेरिटेज वॉक, पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा बोले...

Sat, 30 May 2026 10:53 AM IST
Naveen संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

डॉ. अरविंद शर्मा ने वीर बलिदानी दादा कुशाल सिंह दहिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। धर्म, संस्कृति और मानवता की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
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पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को जोडऩे के उद्देश्य से हरियाणा पर्यटन निगम की तरफ से शनिवार को हेरिटेज एवं सिटी वॉक का आयोजन किया गया। ‘आओ चलें अपनी विरासत के साथ’ अभियान के तहत आयोजित यह वॉक एथनिक इंडिया, राई से शुरू होकर ऐतिहासिक बडख़ालसा मेमोरियल तक पहुंची, जिसमें सैकड़ों युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हेरिटेज वॉक केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, संस्कृति और इतिहास से जुडऩे का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि विरासत केवल स्मारकों और भवनों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह हमारी सभ्यता, परंपराओं और पहचान की जीवंत धरोहर है।

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डॉ. शर्मा ने कहा कि नियमित पैदल चलना स्वस्थ जीवनशैली की आधारशिला है और जब यह यात्रा अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ जुड़ जाए तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने इतिहास को जानें, समझें और उसके संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

विधायक पवन खरखौदा ने कहा कि हरियाणा की धरती वीरता, बलिदान और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक रही है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपने गौरवशाली अतीत और महान विभूतियों से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि विरासत स्थलों का संरक्षण केवल सरकार का नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बडख़ालसा ने कहा कि बडख़ालसा मेमोरियल जैसे ऐतिहासिक स्थल हमारी सांस्कृतिक चेतना और गौरवशाली इतिहास के प्रतीक हैं। हैरिटेज वॉक जैसे आयोजन लोगों को अपनी जड़ों से जोडऩे के साथ-साथ समाज में सांस्कृतिक जागरूकता को भी मजबूत करते हैं।

दादा कुशाल सिंह दहिया के बलिदान को किया स्मरण
हेरिटेज वॉक के समापन पर प्रतिभागियों को बडख़ालसा मेमोरियल के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि वर्ष 1675 में जब गुरु तेग बहादुर का पावन शीश दिल्ली से आनंदपुर साहिब ले जाया जा रहा था, तब मुगल सेना उसका पीछा कर रही थी। उस समय बड़खालसा गांव के वीर योद्धा दादा कुशाल सिंह दहिया ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना शीश बलिदान कर दिया, ताकि गुरुजी का पावन शीश सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सके।

डॉ. अरविंद शर्मा ने वीर बलिदानी दादा कुशाल सिंह दहिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। धर्म, संस्कृति और मानवता की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपनी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, ऐतिहासिक स्थलों के सम्मान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
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यह रहे मौजूद
इस दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष अशोक नरवाल, जिला महामंत्री तरुण देवीदास, मंडल अध्यक्ष वेदपाल शास्त्री, शेखर आंतिल, विकास कौशिक, सरदार मंजीत सिंह, सरदार अजीत सिंह, बड़खालसा सरपंच राकेश आदि मौजूद रहे।

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