कुरुक्षेत्र। पिपली सरस्वती रिवर फ्रंट घाट पर आयोजित हवन में आहूति डालते हरियाणा सरस्वती धरोहर व
कुरुक्षेत्र। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की ओर से गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत गुरुवार को पिपली सरस्वती रिवर फ्रंट घाट पर मां सरस्वती का पूजन किया गया, संतों, महानुभावों की मौजूदगी में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संतों का सम्मान एवं विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के वाइस चेयरमैन धुम्मन सिंह किरमिच ने कहा कि आज के पावन दिवस पर संत महात्माओं और धर्म प्रेमियों की मौजूदगी में पिपली सरस्वती रिवर फ्रंट घाट पर भव्य सरस्वती मंदिर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई है। इस मौके पर सीएम कार्यालय प्रभारी कैलाश सैनी, सरस्वती सेवा समिति के सदस्यों, पार्षद पंकज खन्ना, अधिकारी, धर्मप्रेमी शामिल हुए। सभी ने हवन यज्ञ में आहुतियां डालीं।
धुम्मन सिंह ने बताया कि पवित्र सरस्वती नदी के घाट अब फिर से पुनर्जीवित होंगे और यहां पिंडदान और तर्पण का कार्य फिर से शुरू किया गया है। इसी कड़ी में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पिपली सरस्वती घाट पर पहला तर्पण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। यह परंपरा आने वाले दिनों में सरस्वती के सभी घाटों पर शुरू होगी जो लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी की पवित्रता और स्वच्छता बरकरार रखने हेतु इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। जनता सरस्वती नदी में गंदगी न डाले, सरस्वती के प्रति लोगों की आस्था और श्रद्धा और बढ़े, इस उद्देश्य से शिक्षण संस्थानों और अन्य स्थानों पर सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता अरविंद कौशिक, सरस्वती सेवा समिति के सदस्य हरीश अरोड़ा, गौरव भट्ट, दीपक चौहान, बलविंदर सिंह, रमेश सैनी, प्रदीप रोशा, अमित रोहिला, श्याम सैनी मोनू बाहरी, आकाश अग्रवाल हिरमी के कार्यकारी अभियंता अरविंद कौशिक एक्सईएन नवतेज सिंह आदि मौजूद रहे।