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Kurukshetra News: महासप्तमी पर भद्रकाली मंदिर में हुआ हवन-यज्ञ

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कुरुक्षेत्र। हवन में आहुति डालते मुख्य यजमान व श्रद्धालु। संवाद
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कुरुक्षेत्र। शारदीय नवरात्र की महासप्तमी पर सोमवार को भद्रकाली मंदिर में श्रद्धा और आस्था का भव्य आयोजन हुआ। दिन की शुरुआत मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना से हुई। पीठाध्यक्ष पं. सतपाल शर्मा ने बताया कि मां कालरात्रि को शुभंकरी भी कहा जाता है, क्योंकि वे सदैव अपने भक्तों का कल्याण करती हैं और सहस्रार चक्र को नियंत्रित करती हैं।
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मुख्य पुजारिन शिमला देवी ने प्रातः आरती में मां को प्रिय गुड़ का भोग लगाया और लौंग अर्पित किए। नवपत्रिका पूजा भी की गई, जिसमें तुलसी, आम, पीपल, अनार और बरगद सहित नौ पौधों से बने गुच्छे से मां भद्रकाली और मां कालरात्रि का आह्वान किया गया। आज की मंगला आरती के मुख्य अतिथि राजेश पायलट रहे। मंदिर प्रांगण में सुबह 10 बजे मनोकामना पूर्ण हवन यज्ञ हुआ। इसमें मुख्य यजमान कैथल निवासी एसके गोयल परिवार सहित शामिल हुए। भद्रकाली महाकाली किल-किल फट स्वाहा मंत्र की 21 आहुतियों के साथ ही गणेश, विष्णु और महामृत्युंजय मंत्रों की गूंज ने वातावरण को दिव्य बना दिया। पीठाध्यक्ष पं. सतपाल शर्मा ने कहा कि हवन केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि इसका चिकित्सीय और पर्यावरणीय महत्व भी है। इस मौके पर उपाध्यक्ष डॉ. एमके मौदगिल, जीवन मौदगिल, निकुंज शर्मा, देवेंद्र गर्ग, रामपाल लाठर, आशीष दीक्षित सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
भंडारा और भजन संध्या

दिनभर मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी। सुबह 10 बजे दिनेश गोयल, दोपहर 12 बजे धैर्य शर्मा और दो बजे राजेंद्र कुमार ने भंडारे में मुख्य यजमान की भूमिका निभाई। दोपहर बाद आयोजित भजन संध्या में पवन शर्मा एंड पार्टी ने मां का गुणगान किया। इस अवसर पर मिलाप गुप्ता मुख्य अतिथि रहे। भजन संध्या के उपरांत महाआरती हुई। पीठाध्यक्ष ने भक्तों से निवेदन किया कि वे कल दुर्गाष्टमी को रात आठ बजे होने वाले जागरण में अवश्य शामिल हों और नई महाआरती के प्रथम दिवस पर अपनी भागीदारी दें।
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