अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हरियाणा की स्थानीय इकाई ने कांग्रेसी नीति हुड्डा सरकार को छात्र व शिक्षा विरोधी सरकार की संज्ञा देते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का ऐलान किया है।
प्रदेश सह मंत्री सुनील भारद्वाज ने मंगलवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान हुड्डा सरकार हरियाणा की अब तक की सबसे बड़ी भ्रष्ट सरकार है।
एक तरफ तो सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता की बात करती है और दूसरी ओर प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में अराजकता का माहौल है।
उन्होंने सरकार से पूछा कि पिछले दस वर्षों में कितने शैक्षणिक संस्थान खोले हैं और उनमें से कितने राजकीय व कितने निजी क्षेत्रों में खोले गए।
उन्होंने कहा कि हुड्डा प्रशासन की अधिकांश भर्तियां प्रश्नों के घेरे में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को नंबर वन बता रही है, जबकि असलियत में स्कूल, कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में कालाबाजारी, ठेका प्रथा, धांधलेबाजी व भ्रष्टाचार चरम पर है। छात्राओं के साथ बलात्कार और छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इस पर सरकार श्वेत पत्र जारी करे।
इस दौरान उन्होंने बताया कि केयू के विभिन्न विभागों में करवाई जा रही पीएचडी शोधार्थियों को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने वर्ष 2008 से अब तक 14 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप बांटी है, जबकि यूनिवर्सिटी प्रशासन को यही नहीं पता कि यह पीएचडी रिसर्च स्कॉलर फुल टाइम हैं या पार्ट टाइम।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के नियमानुसार केवल वही शोधार्थी इस योजना से लाभान्वित हो सकते हैं, जो फुल टाइम स्कॉलर हों। उन्हाेंने बताया कि केयू में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि यूनिवर्सिटी कॉलेज में एक प्राध्यापिका को 20 नंबर के इंटरव्यू टेस्ट में 22 नंबर दे दिए गए जोकि ऑन रिकॉर्ड है। यूनिवर्सिटी प्रशासन यह बताए कि दो अतिरिक्त कृपालु अंक किस खुशी में दिए गए है।
ये है आंदोलन का स्वरूप
अभाविप प्रदेश सह मंत्री सुनील भारद्वाज, प्रदेश आरटीआई प्रमुख विकास गहलोत, जिला कोषाध्यक्ष राजीव शर्मा एडवोकेट व नगर मंत्री गौरव सैनी ने शिक्षा एवं छात्र हितों को लेकर अभाविप द्वारा किए जाने वाले आंदोलन का स्वरूप बताते हुए कहा कि 15 से 22 जुलाई तक सभी जिला केंद्रों पर पत्रकार वार्ता होगी।
21 से 25 जुलाई तक कॉलेज प्राचार्य, उपकुलपति व डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 26 से 31 जुलाई तक सांसद, विधायकों और राजनीतिक दलों के प्रदेशाध्यक्षों को ज्ञापन दिया जाएगा। एक से तीन अगस्त तक रोडवेज के जीएम को ज्ञापन, महिला सुरक्षा को लेकर एसपी को ज्ञापन दिए जाएंगे।
6 अगस्त को चलो विश्वविद्यालय कार्यक्रम और वीसी को ज्ञान दिया जाएगा। 9 अगस्त को भ्रष्टाचारियों हरियाणा छोड़ो मुहिम चलाई। 13 अगस्त को तिरंगा यात्रा।
16 से 18 अगस्त तक तकनीकी बोर्ड व उच्च शिक्षा बोर्ड का घेराव कर ज्ञापन दिया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री व राज्यपाल को भी ज्ञापन दिए जाएंगे और 20 अगस्त से शिक्षा का काला दिवस, कक्षाओं का बहिष्कार, कॉलेज बंद, नुक्कड़ नाटक व चक्का जाम आदि प्रदर्शन किए जाएंगे।