पानीपत के सेक्टर-18 में करवा चौथ पर अपने 'चांद' का दीदार करतीं पिंकी श्योराण।
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करवा चौथ का पर्व प्रदेश में रविवार को धूमधाम से मनाया गया। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने पूरे दिन व्रत रखा और देर रात चांद का दीदार कर व्रत को पूरा किया। महिलाओं के लिए करवा चौथ का पर्व खास होता है। महिलाओं ने व्रत रखने के बाद दोपहर बाद माता करवा की कथा की और देर रात चांद के दीदार कर पूजा की। इसके पश्चात अपने पतियों के दीदार किए। जबकि विदेश व बॉर्डर पर गए पतियों के वीडियो कॉल कर महिलाओं ने उनके दीदार किए।
पिछले कई दिनों से महिलाएं करवा चौथ की खरीदारी कर रही थीं। करवा चौथ पर्व को लेकर जहां पतियों ने अपनी पत्नी के लिए साड़ी, शूट, ज्वैलरी महंगे गिफ्ट खरीदे तो वहीं महिलाएं भी पिछले कई दिनों से ब्यूटी पार्लरों पर सजने के लिए पहुंचती रही और अपने सजना के लिए संवरती रहीं। इससे जहां ब्यूटी पार्लरों में खूब भीड़ रही तो वहीं चूड़ियों की दुकानों पर भी महिलाओं का हुजूम लगा रहा।
भिवानी में करवा चौथ पर पति साहिल की लंबी उम्र के लिए चांद का दीदार करतीं सुहागिन काजल।
करवा चौथ पर्व के चलते शनिवार देर रात तक बाजार में मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ का माहौल बना रहा, जिसके चलते दुकानदारों के चेहरे भी खिले रहे। करवा चौथ पर्व को लेकर खोआ से बनी मिठाइयों को महिलाओं ने ज्यादा पसंद किया। खोआ से बनी मिठाइयों को खरीदने में महिलाओं ने अधिक रुचि दिखाई। दिन भर बाजार में करवा चौथ पर्व की खरीदारी के लिए महिलाओं का हुजूम लगा रहा।
करवा चौथ के चलते इंग्लैंड गए अपने पति का वीडियो कॉल से दीदार करतीं सुषमा रानी। संवाद
पति की पूजा कर लिया जाता है आशीर्वाद : मीनाक्षी वर्मा
कुरुक्षेत्र में मीनाक्षी वर्मा का कहना है कि करवा चौथ के दिन चावल व गेहूं हाथ में लेकर करवा चौथ के व्रत की कथा सुनी जाती है। इसके पश्चात अपने माता-पिता या बुजुर्ग के पांव छूकर आशीर्वाद लिया जाता है। यह परंपरा काफी पुरानी है, जो कि आज भी निभाई जा रही है। इसके पश्चात देर शाम चांद निकलने पर पूजा अर्चना की जाती हैं और इसके बाद पति के दीदार कर उनका भी आशीर्वाद लिया जाता है, जिसके बाद करवा चौथ का व्रत पूरा होता है।
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देर रात चंद्रमा के दीदार के बाद पूर्ण होता है व्रत : मोनिका रानी
मोनिका रानी ने बताया कि पति की लंबी उम्र व उसकी सुरक्षा के लिए करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। महिलाएं अल सुबह उठकर सरगी तैयार करती है और उसे खाने के बाद दिनभर कुछ नहीं खाती। दोपहर बाद करवा चौथ की कथा की जाती है, जिसे सुनने के लिए काफी सारी महिलाएं एक स्थान पर इकट्ठा होती है और घर की बुजुर्ग या फिर ब्राह्मण से कथा सुनती है। इसके पश्चात देर रात चांद निकलने पर उसे अर्घ्य दिया जाता है। इसके पश्चात अपने पति का मुंह मीठा करवाती है और व्रत पूर्ण होता है।