कुरुक्षेत्र। हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा 2 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा जाएगा। 10 सितंबर को पिहोवा अनाज मंडी में किसान महापंचायत होगी। इसमें सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। बुधवार को हुई बैठक में किसान नेताओं ने यह रणनीति बनाई।
मोर्चे ने धान, बाजरा, नरमा, कपास, मूंग, ग्वार सहित सभी फसलों की एमएसपी पर बिना कटौती खरीद सुनिश्चित करने की मांग की। परमल धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू करने और नमी की सीमा 20 फीसदी करने की बात कही। किसान नेताओं ने दूध का उचित दाम नहीं मिलने पर चिंता जताई। उन्होंने वीटा मिल्क प्लांट में भुगतान और धांधली की जांच की मांग की। गन्ने की एफआरपी बढ़ाने और बकाया भुगतान तुरंत जारी करने की भी मांग की गई। चीनी, गेहूं, धान, रूई और कपास के आयात से किसानों को नुकसान होने का आरोप लगाया।