कुरुक्षेत्र के गांव गुमथलागढू में किसान महापंचायत शुरू हो गई है। इसमें प्रदेश भर से किसान जुट रहे हैं। किसान नेता राकेश टिकैत दोपहर तीन बजे गुमथलागढू अनाज मंडी पहुंचे। किसानों ने उनका जोरदार स्वागत किया। गुमथला की पंचायत ने राकेश टिकैत को सम्मानित किया। इसके बाद तीन बजकर 5 मिनट पर टिकैत मंच पर पहुंचे।
राकेश टिकैत ने मंच से किसानों को संबोधित करना शुरू किया। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र न्याय की धरती है। यहां से न्याय होगा। आदमी के जीवन से पुत्र से प्यारी कोई चीज नहीं होती लेकिन किसान जीते जी अपनी जमीन अपने बेटे के नाम नहीं करता। इसलिए जमीन पुत्र से प्यारी हुई। ये आंदोलन जमीन के लिए ही है।
उन्होंने पंचायत में पहुंचे किसानों का धन्यवाद किया। टिकैत ने कहा कि हमने सरकार को दो अक्तूबर तक का समय दिया है। सरकार गलतफहमी में न रहे कि किसान घर चला जाएगा। किसान सरकार की गलत पॉलिसी से कर्जे में आ गया है। सरकार किसानों के खिलाफ साजिश कर रही है। इससे पहले भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने मंच से कहा कि सरकार ने किसानों के बीच फूट डालने की बहुत कोशिश की, लेकिन किसान नहीं टूटे।
टिकैत ने कहा कि रोटी को बाजार की वस्तु नहीं बनने देंगे। अनाज को तिजोरी में बंद नहीं होने देंगे। सरकार का अगला टारगेट देश मे साप्ताहिक बाजार खत्म करना है। सिर्फ मॉल रह जाएंगे। हमें खाप पंचायतों का साथ चाहिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि अपने खेत की मिट्टी को शरीर से लगाएं। पैदल अपने खेत जाओ। गोबर से बदबू नहीं आती। अपने खेत की मिट्टी को घर के मंदिर में रखो। हरियाणा के बाद राजस्थान में पंचायत होगी। इसके बाद महाराष्ट्र में जाएंगे। तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पंजाब , हरियाणा, आंधप्रदेश सहित कई राज्यों से ट्रैक्टर दिल्ली पहुंच चुके है। टिकैत का संबोधन खत्म हो चुका है।
इससे पहले पहुंची पंजाबी सिंगर रुपिंदर हांडा ने मंच से हरियाणा गौरव सम्मान वापस करने का एलान कर दिया। इसके अलावा किसान लोक स्वराज पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस रणबीर शर्मा ने किसानों को समर्थन दिया।
महापंचायत के लिए किसान कार, ट्रैक्टर-ट्राली व बैलगाड़ी से पहुंचे। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है। पुलिस की तरफ से पांच नाके लगाए गए है। महापंचायत को लेकर किसानों में काफी उत्साह और जोश है। सभी की नजर किसान नेता राकेश टिकैत पर टिकी हुई है। सुबह धुंध के कारण कार्यक्रम देरी से चल रहा है। अभी तक तीन हजार से ज्यादा किसान कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चके हैं और कारवां लगातार बढ़ता जा रहा है।