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Haryana: अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव; लोक संगीत और वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों से गूंजा ब्रह्मसरोवर

Sun, 10 Dec 2023 01:04 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

शनिवार को छुट्टी के चलते पर्यटकों की भीड़ उमड़ी, कलाकारों से लेकर शिल्पकार भी गदगद रहे। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड से लेकर राजस्थान तक के स्कूली विद्यार्थियों के दल पहुंचे। 
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शनिवार को उमड़ी पर्यटकों की भीड़। - फोटो : भारत भूषण शर्मा।
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तीसरे दिन पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर कलाकारों से लेकर शिल्पकारों का भी जमघट लगा रहा, जहां विभिन्न राज्यों के वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों और उनके मधुर संगीत से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। इन वाद्य यंत्रों की धुनों और लोक गीतों को सुनने शिल्प व सरस मेले का आनंद उठाने के लिए पर्यटकों की भीड़ भी उमड़ पड़ी।

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शनिवार को छुट्टी का दिन होने के चलते पिछले दो दिन की अपेक्षा दो गुना से भी ज्यादा पर्यटक पहुंचे तो वहीं हरियाणा के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड से लेकर राजस्थान तक के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों के दल भी पहुंचे, जो मेला देख गदगद हो उठे। वहीं रविवार को पर्यटकों की बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ने की संभावना है।
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पहली बार ब्रह्मसरोवर के दक्षिण के घाटों पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र पटियाला की तरफ से प्रथम चरण में जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, छत्तीसगढ़ राज्यों के कलाकार अपने-अपने प्रदेश की लोक संस्कृति को नृत्य और लोक गीतों के माध्यम से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। यह कलाकार राउफ, कुल्लू, नाटी, गाथा गायन, छपेली, शामी, गुदुम बाजा, करमा, राई और पंजाब के लुड्डी आदि लोक नृत्यों की प्रस्तुति दे रहे हैं।

आज से अन्य राज्यों के भी पहुंचेंगे कलाकार
एनजेडसीसी के अधिकारी भूपेंद्र सिंह व राजेश बस्सी का कहना है कि पहले चरण में सात दिसंबर से 10 दिसंबर तक नौ राज्यों के कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। इसके बाद अन्य राज्यों के कलाकार महोत्सव में पहुंचेंगे और अपने प्रदेशों के लोक नृत्यों की संस्कृति की छटा को बिखेरेंगे। महोत्सव में सात दिसंबर से ही लगातार राजस्थान के कलाकार परंपरा अनुसार कच्ची घोड़ी का नृत्य कर रहे हैं। यह नृत्य लोगों को खूब भा रहा है, वहीं स्टिक वॉकर भी मेले में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
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पहला हरियाणवी फिल्म महोत्सव 14 से
रोड़ धर्मशाला के सामने ब्रह्मसरोवर पर पार्क में पहला हरियाणवी फिल्म महोत्सव 14 से 23 दिसंबर तक किया जा रहा है। इस फिल्म महोत्सव को वॉक इन सिनेमा के रूप में देखा जा सकेगा। निर्देशक धर्मेंद्र डांगी के मुताबिक इस महोत्सव का आयोजन संस्कृति सोसायटी आर्ट एवं कल्चर डेवलपमेंट की तरफ से किया जा रहा है।

श्रीमद्भगवद गीता के श्लोकों ने पूरी मानवता को दिया आध्यात्मिक ज्ञान : डाॅ. रामबरन
धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र का एक पौराणिक और आध्यात्मिक इतिहास रहा है। इस धरा पर जहां भगवान श्रीकृष्ण ने मोह ग्रस्त अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया वहीं पवित्र ग्रंथ गीता के श्लोकों ने पूरी मानवता को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान किया है। इसके साथ-साथ अनेक महान संतों के पैर इस धरा पर पड़े। कई महान संत व गुरु इस धरा पर पहुंचे हैं। इसलिए इस धरा के स्मरण मात्र से ही मनुष्य को अपने पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ-साथ ब्रह्मसरोवर का भी कुरुक्षेत्र के इतिहास में एक धार्मिक और पौराणिक इतिहास है। विभिन्न अवसरों पर इस तीर्थ के सरोवर में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। ये विचार मॉरीशस प्रधानमंत्री के पूर्व सचिव डाॅ. नीति सागर रामबरन ने व्यक्त किए।

वे शनिवार को देर सायं पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर पुरुषोत्तमपुरा बाग में महोत्सव के गीता महाआरती कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इससे पहले पूर्व सचिव उनकी धर्मपत्नी निरवाना देवी, सेंट पीटसबर्ग इंडिया-रशिया कल्चरल सोसायटी के निदेशक मंगलम दुबे, निफा के चेयरमैन प्रीतपाल सिंह पन्नू, केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, केडीबी के पूर्व सदस्य सौरभ चौधरी, डॉ. सुखदेव शर्मा रावा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव पर ब्रह्मसरोवर की महाआरती और पूजा-अर्चना की। महाआरती का गुणगान पंडित बलराम गौतम, पंडित सोमनाथ शर्मा, गोपाल कृष्ण गौतम, अनिल व रुद्र ने किया।

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