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Haryana: एचएसजीएमसी के बैंक खाते फ्रीज, कर्मियों का वेतन रुका तो अन्य कार्य भी अटके

Wed, 10 Apr 2024 11:14 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

गुरुघरों के लंगर के राशन से लेकर शिक्षण संस्थानों के संचालन पर भी संकट है। बैसाखी पर्व के चलते भी कई कार्य रुकने की आशंका है। कमेटी मुख्यालय के कर्मचारियों में सरकार के प्रति गहराया रोष है। वह धरने पर बैठे हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सभी बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। एसीएस हरियाणा की ओर से जारी पत्र में गुरद्वारा चुनाव अधीक्षक द्वारा बैंकों के जोनल प्रबंधकों को भी इस संबंध में निर्देश दे दिए गए। बताया जा रहा है कि यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के तहत लिया गया और जारी पत्र में स्पष्ट किया गया कि वित्तीय लेनदेन न किया जाए। इसके पीछे किसी गबन की आशंका जताई जा रही है।

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सरकारी व निजी खाते फ्रीज होने के चलते कमेटी मुख्यालय से लेकर गुरुघरों व अन्य संस्थानों में कार्यरत कर्मियों में खलबली मच गई। वेतन रुक गया है तो वहीं अन्य कार्य भी अटक गए हैं। बैंक खाते फ्रीज का असर गुरुघरों के लंगर से लेकर शिक्षण व अन्य संस्थानों के संचालन पर पड़ता दिखाई देने लगा है वहीं बुधवार को कमेटी मुख्यालय के ही कर्मचारी भी काम छोड़कर धरने पर उतर आए।

मुख्यालय पर धरना देते हुए कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। एलान किया कि इस संबंध में प्रदेश सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाया और खाते नहीं खोले तो वे सड़कों पर भी उतरने को मजबूर होंगे।
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कर्मचारियों की माने तो उन्हें उस समय पता चला जब बैंकों से लेनदेन किया जाने लगा। कमेटी मुख्यालय में विभिन्न संस्थानों की ओर से सूचनाएं आने लगी तो वहीं उनके वेतन भी जारी न होने पर बैंकों से संपर्क किया गया। यह पता चलने पर वे हैरान रह गए।

धरने पर बैठे कमेटी मुख्यालय के सहायक सुपरवाइजर हरकीरत सिंह, सहायक सचिव रूपिंद्र सिंह, उपसचिव अमरेंद्र सिंह, सहायक सचिव सतपाल सिंह, अकाउंटेंट गुरमिंदर सिंह आदि ने बताया कि बैंक खाते फ्रीज होने से सभी लेनदेन अटक गए हैं। 700 से अधिक कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

मुख्यालय में ही करीब 61 कर्मचारी कार्यरत है तो वहीं 40 से ज्यादा धर्म प्रचार से जुड़े कर्मी भी है। यही नहीं प्रदेशभर में कमेटी के अधीन 52 गुरुघरों के अलावा चार शिक्षण संस्थान भी है। निसिंग व पंजोखरा साहिब में कॉलेज व कैथल और कपालमोचन में स्कूल है। इन संस्थानों का लेनदेन भी अटक गया है।

यही नहीं 31 मार्च को क्लोजिंग के चलते गुरुघरों के लंगर के लिए सामान को लेकर समस्याएं आनी शुरू हो गई है। कढ़ाह प्रसाद के लिए देसी घी समाप्त होने वाला है तो वहीं बिजली बिल के चेक भी क्लीयर न होने के कारण अटक गए हैं, जिन पर जुर्माना भी पड़ना तय है। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों से लेकर गुरुघरों, कमेटी मुख्यालय व अन्य कार्यालयों के वाहनों व जेनरेटर तक के लिए डीजल की समस्या खड़ी हो गई है। दो दिन बाद बैसाखी के आयोजन पर भी असर पड़ेगा।

घपला हुआ तो जांच कराई जाए, खाते बंद क्यों : हरकीरत
सहायक सुपरवाइजर हरकीरत सिंह ने पत्रकारों से कहा कि गुरुद्वारा चुनाव अधीक्षक की ओर से जारी पत्र से सूचना मिली है, जिसमें किसी घपले की आशंका जताई गई। कोई घपला हुआ है तो उसकी जांच सरकार या कमेटी द्वारा कराई जाए, लेकिन सरकार द्वारा सभी खाते फ्रीज करना सही नहीं है। जल्द खाते नहीं खोले तो कर्मचारी बच्चों सहित सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

जल्द खुलवा लिए जाएंगे खाते : प्रधान
कमेटी प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध का कहना है कि फ्रीज किए गए खाते जल्द खुलवा लिए जाएंगे। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। धरना दे रहे कर्मचारियों को भी समझा बुझाकर मना लिया जाएगा।

बैंक खाते फ्रीज करना सरासर गलत : अजराना
कर्मचारियों से बात करने पहुंची समिति मैंबर बीबी रंविदर कौर व प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि अनियमितताओं की जांच अवश्य होनी चाहिए। मगर खातों को डेबिट फ्रीज करना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार के समक्ष ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब पंचकूला में फंड को लेकर कुछ हेरफेर का मामला पहुंचा, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।

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