राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दिसंबर माह में दीक्षांत समारोह होगा, जिसमें बीटेक, एमटेक व पीएचडी के 2021-22 और 2022-23 सत्र के करीब 2700 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएगी। एनआईटी प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
उम्मीद जताई जा रही है कि पहली बार इस दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों विद्यार्थियों को डिग्रियां लेने का मौका मिल सकेगा। संस्थान प्रशासन ने इसके लिए पत्राचार संबंधित मंत्रालय के जरिए किया है, जहां से सकारात्मक संकेत भी मिले हैं, हालांकि समारोह में प्रधानमंत्री के मुख्यातिथि होने को लेकर अभी स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
संस्थान निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी ने बताया कि दीक्षांत समारोह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, जिसको लेकर विद्यार्थियों में उत्साह बना हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समारोह में बतौर मुख्यातिथि बुलाए जाने के प्रयास हैं, जिसके लिए पत्राचार किया जा चुका है। प्रधानमंत्री से समय मिलने के बाद ही दीक्षांत समारोह की तारीख निर्धारित की जाएगी।
इस बार भी सभी विद्यार्थियों को डिजिटल डिग्रियां प्रदान की जाएंगी तो वहीं सभी विद्यार्थी हरियाणवी लिबास में डिग्री लेने पहुंचेंगे, जिसमें छात्र खादी कुर्ता, पायजामा और छात्राएं साड़ी पहनकर डिग्रियां लेंगी। आधुनिक युग में नई तकनीक के प्रयोग से 2700 विद्यार्थियों को एक क्लिक में डिजिटल डिग्रियां प्रदान की जाएंगी और साथ ही हार्ड कॉपी भी प्रदान की जाएगी।
एनआईटी के दीक्षांत समारोह में अभी तक आ चुके हैं तीन राष्ट्रपति
इससे पहले राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने वर्ष 2013 में संस्थान (एनआईटी) के स्वर्ण जयंती समारोह और दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर एक हजार विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की थी तो वहीं 2015 में संस्थान के 12वें दीक्षांत समारोह में मिसाइल मैन एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भी मुख्यातिथि पहुंचे थे। पिछले साल 29 नवंबर 2022 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18वें दीक्षांत समारोह में मुख्यातिथि पहुंची थी। इस बार संस्थान की ओर से भरसक प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री के हाथों ही विद्यार्थियों को डिग्रियां मिले। अगर प्रधानमंत्री का कार्यक्रम तय होता है तो यह पहला मौका होगा, जब प्रधानमंत्री एनआईटी के दीक्षांत समारोह में मुख्यातिथि होंगे।