प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि राज्य सरकार ने नि:शक्तों को सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए राज्य सरकार ने योजनाएं भी बनाई हैं। राज्य सरकार का प्रयास रहेगा कि अब रेडक्रॉस की तरफ से नौ के स्थान पर 21 जिलों में कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाए जाएं। इस कार्य में समाज कल्याण विभाग भी योगदान देने का प्रयास करेगा। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र में हुडा की पांच एकड़ जमीन पर नि:शक्त लोगों के लिए प्रशिक्षण केंद्र और छात्रावास का निर्माण भी करवाया जाएगा।
राज्यमंत्री शनिवार को पंचायत भवन के सभागार में एनआईईपीएमडी द्वारा आशादीप संस्थान, डीईपीडब्लूडी और एमएसटी भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। इससे पहले राज्य मंत्री कृष्ण बेदी, राज्स सरकार के अतिरिक्ति मुख्य सचिव सुनील गुलाटी, उपायुक्त सीजी रजिनिकांतन, शंकर नारायण, जेपी केसरी, रमेश पांडे आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम शुरू किया। इस दौरान केयू के प्रोफेसर सुशील कुमार को सम्मानित किया गया।
राज्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और कहा कि देश के 88 प्रतिशत समाज ने नि:शक्त लोगों के प्रति सोचना शुरू कर दिया है। अब विकलांगता को अभिशाप नहीं समझता जाता। नि:शक्तों को सशक्त बनाने के लिए सरकार योजनाएं बना रही है। सरकार आशादीप जैसी संस्थाओं के माध्यम से इन लोगाें को सहायता उपलब्ध करवाएगी। कुरुक्षेत्र में नि:शक्त लोगों के लिए प्रशिक्षण केंद्र और छात्रावास बनवाया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस प्रकार के प्रशिक्षण केंद्र से नि:शक्त व्यक्ति ट्रेनिंग ले सकेंगे। प्रयास होगा कि समाज कल्याण विभाग के साथ मिलकर रेडक्रॉस 21 जिलों में कृत्रिम अंग मुहैया करवाए।
राज्य सरकार के अतिरिक्ति मुख्य सचिव सुनील गुलाटी ने कहा कि विभाग अब से पहले केवल पेंशन वितरण का काम ही कर रहा था। पेंशन के सभी खाते ऑन लाइन होने के बाद विभाग नि:शक्तों के लिए काम करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार नि:शक्त लोगों को छह माह की पेंशन का भुगतान एक साथ किया जाएगा। इस अग्रिम भुगतान की राशि 200 रुपये प्रति माह आगामी पेंशन से काटी जाएगी। इसके साथ ही 10 नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। केंद्र ने बजट में भी 10 प्रतिशत का इजाफा किया है। उपायुक्त सीजी रजीनिकांतन ने कहा कि आशादीप संस्था से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने राज्यमंत्री और अतिरिक्ति मुख्य सचिव से आशादीप जैसी संस्थाओं को और मदद करने की अपील की। इस सेमिनार में केंद्र सरकार से अधिकारी शंकर नारायण, प्रो. सुशील कुमार, राजेस रामचंद्रम आदि ने भी विचार व्यक्त किए। आशादीप संस्था के निदेशक जेपी केसरी ने मेहमानों का स्वागत किया। निदेशक रमेश पांडे ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने राज्य मंत्री कृष्ण बेदी, एपीएस सुनील गुलाटी, उपायुक्त सीजी रजिनिकांतन आदि को स्मृति चिह्न भेंट किए। इस मौके पर जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर, मुलखराज, अशोक वत्स, अरुण कंसल, कमल शर्मा, प्रवीण वत्स, सहदेव मलान, डॉ. दीपक, संजय आदि मौजूद रहे।