कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। जिले में सरकारी तौर पर मंगलवार को सीजन में पहली बार सरसों खरीद हुई। हैफेड एजेंसी ने इस्माईलाबाद खरीद केंद्र पर 10 एमटी सरसों खरीदी जबकि अन्य तीन केंद्रों शाहाबाद, लाडवा व बाबैन में एजेंसी को सरसों नहीं मिल पाई। यहां किसान सरकारी भाव 6200 रुपये प्रति क्विंटल पर बेचने को तैयार नहीं हुए जबकि करीब 6300 रुपये के अनुसार निजी कारोबारी सरसों खरीद करने में सफल रहे। ऐसे में सरकारी एजेंसी के कर्मी इंतजार करते रह गए।
जिले में प्रशासन ने चार केंद्र सरसों खरीद के लिए बनाए हैं, जहां पर हैफेड को खरीद के लिए जिम्मा सौंपा हुआ है। भले ही खरीद शनिवार से सरकारी तौर पर शुरू हुई लेकिन पोर्टल पर किसानों के सत्यापन न होने के कारण खरीद शुरू नहीं की जा सकी थी। मंगलवार को तकनीकी खामियां दूर की गईं और खरीद भी शुरू हुई। इस्माईलाबाद केंद्र पर पहली बार खरीद की गई जिससे किसानों को कुछ राहत भी मिली है।
हैफेड के इंस्पेक्टर राजपाल ने बताया कि मंगलवार से सरसों खरीद का कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया है। पहले दिन अनाज मंडी से जो सरसों सरकारी मापदंडों के अनुसार सही पाया गया है, उसे खरीद लिया गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। जो सरसों सरकारी मापदंडों के अनुसार सही पाया जाएगा, उसे तुंरत प्रभाव से खरीद लिया जाएगा। सरसोंं खरीद के दौरान मार्केट कमेटी सचिव अंकुर ठकराल, मंडी प्रधान विनोद कंसल, पुनीत बंसल, बलदेव शर्मा, प्रवीन कुमार, संजीव कुमार, शेखर, योगेश कुमार, नवीन कुमार, संजीव कुमार, करनैल सिंह, किसान सोनू सामरा आदि मौजूद रहे।
सभी तैयारी पूरी, खरीद शुरू : सचिव
सरसों व गेहूं की खरीद के लिए मार्केट कमेटी सचिव अंकुर ठकराल ने कहा कि सरसों की खरीद का कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा गेहूं खरीद के लिए भी विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
डीएम बोले- अधिक दाम की तरफ जा रहे किसान
डीएम हैफेड शमशेर सिंह ने कहा कि सरकार ने सरसों का भाव 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है लेकिन किसान निजी कारोबारियों की ओर से दिए जा रहे अधिक दामों की तरफ जा रहे हैं। मंगलवार को भी सरकारी तौर पर खरीद की पूरी तैयारी कर ली गई थी लेकिन शाहाबाद, लाडवा और बाबैन में किसान निजी तौर पर अधिक भाव के कारण एजेंसी को सरसों देने के लिए तैयार नहीं हुए।