फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: प्रदेश के विकास में गुरु तेग बहादुर का योगदान अहम

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार मंगलवार को गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस ज्योतिसर में मना रही है। हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर जी का प्रदेश के इतिहास में विशेष स्थान रहा है। गुरु तेग बहादुर जी ने प्रदेश के विभिन्न स्थलों का दौरा किया था। वे अपनी पत्नी माता गुजरी के साथ कैथल आए। यहां उन्होंने सिख धर्म के अलग-अलग पहलुओं पर कई ज्ञान भरे प्रवचन दिए। इनमें सबसे मशहूर है सिखों को कौन से शुभ दिन मनाने चाहिए पर जाेर दिया था।
विज्ञापन

हरियाणा इतिहास विशेषज्ञ डॉ. धीरज कौशिक बताते हैं कि कैथल से गुरुजी पिहोवा चले गए। शुरू में उन्होंने यहां अपने से पूर्व के गुरुओं गुरु नानक, हर गोबिंद और हर राय के आने की याद में बनाए गए तीन पवित्र स्थलों का दौरा किया। फिर उन्होंने सिख धर्म का कुछ प्रचार किया। इसके बाद वे पिहोवा के पास एक छोटे से गांव बैना चले गए। बैना से वे कानाखेड़ा चले गए और कई शिष्य बनाए। कानाखेड़े से वे कुरुक्षेत्र आए, जहां उन्होंने गुरु नानक, अमर दास और हर गोबिंद के गुरुद्वारों में जाकर अपना दिन शुरू किया। वे यहां तीन दिन रुके और सिख धर्म में सहज योग पर प्रवचन दिए।
कौशिक के अनुसार तेग बहादुर जी ने गरीबों को मुफ्त खाना और पंडितों को दक्षिणा दी, जो लगता है उनके अनुयायी बन गए थे। इतना ही नहीं, उन्होंने पंडितों को हुक्मनामा दिया, जिस पर आने वालों से दक्षिणा लेने की गुरु की मंजूरी लिखी थी। संपूर्ण भारत में कुरुक्षेत्र ही ऐसा स्थान है, जहां पहली पातशाही से लेकर दसवीं पातशाही तक गुरु घर देखने को मिलते हैं। कुरुक्षेत्र में नवमी पादशाही गुरुद्वारा को पट्टा साहिब के नाम से जाना जाता है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि तेग बहादुर जी ने अपनी शहादत से पहले 1675 में दिल्ली की अपनी आखिरी यात्रा पर गुरु पिहोवा, पानीपत और प्रदेश के कई दूसरे शहरों से गुजरे। इस यात्रा के दौरान भी उनका प्रचार मिशन नहीं रुका और सैकड़ों लोग वहां आए। उनके दर्शन करें और उनके प्रवचन सुने। दिल्ली में गुरु तेग बहादुर जी की शहीदी के बाद उनके शीश को भाई जैता की ओर से बागपत के रास्ते तरावड़ी लेकर आए। आज तरावड़ी में भी शीशगंज गुरुद्वारा है।
डॉ. कौशिक बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिख धर्म के साथ विशेष लगाव रहा है, जब से केंद्र में भाजपा की सरकार है तभी से सरकार ने सिख धर्म के लिए अग्रणी कार्य किए हैं जिसमें सबसे प्रमुख भारत पाकिस्तान के बीच में करतारपुर कॉरिडोर को खोलना था। केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से सिख गुरुओं के प्रकाश पर्व को बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर ज्योतिसर में शहीदी स्मारक की स्थापना के लिए आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें