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गुरु रविदास ने जगाई सामाजिक परिवर्तन की अलख : मनोहर

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राष्ट्रीय अधिवेशन में हिस्सा लेते समाज के लोग। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। संत शिरोमणि गुरु रविदास ने सामाजिक परिवर्तन एवं मानवता के विकास की अलख जगाई थी। ऐसे महान लोग किसी एक जाति या संप्रदाय के गुरु नहीं, बल्कि पूरी मानव जाति के पथ प्रदर्शक हैं। उनकी शिक्षाओं, विचारों को आज प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में धारण करने की जरूरत है। यह बातें मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को श्री गुरु रविदास धर्मशाला एवं मंदिर में श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ की ओर से आयोजित पांचवें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन सत्र में कहीं।
इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल, महापीठ के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य दुष्यंत गौतम, सांसद नायब सैनी, हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल, महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुरेश राठौर, विधायक सुभाष सुधा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, पूर्व मंत्री कृष्ण पंवार सहित पदाधिकारियों ने मंदिर में पूजा अर्चना की और पांडाल में दीप प्रज्ज्वलित कर समापन सत्र का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभा की तरफ से बनने वाली भूमिगत पार्किंग परियोजना का शिलान्यास भी किया।
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उन्होंने कहा कि संत महात्माओं, ऋषि-मुनियों और पीर-पैगंबरों और गुरुओं ने भूली-भटकी मानवता को जीवन का सच्चा रास्ता दिखाया। गुरु रविदास की वाणी और शिक्षाएं इतनी अमर है कि वे आज भी नवीन प्रतीत होती है। उनकी शिक्षाएं पूरी मानवता के लिए थी। उन्होंने भक्ति आंदोलन से समाज सुधार करने का साहसिक और ऐतिहासिक कदम उठाया, जिससे उस समय जात-पात, अंधविश्वास और ऊंच-नीच में उलझे समाज में एक नई जागृति आई।
संत शिरोमणि गुरु रविदास ने समाजवाद की ऐसी परिकल्पना की, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को अन्न मिले और समाज में कोई भी छोटा-बड़ा न हो, सभी एक समान हो। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना को लागू किया। इस योजना को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़कर एक लाख 80 हजार से कम आय वाले लोगों की आय में बढ़ोतरी करने की तरफ कदम बढ़ाया है। सरकार की सोच है कि समाज के सभी वर्गों के लोग आर्थिक तौर पर आगे बढ़ सके।
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महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुरेश राठौर ने कहा कि 11 मार्च 2018 को हरिद्वार की पावन धरा से इस महापीठ की स्थापना की गई। आज इस महापीठ ने विशाल स्वरूप धारण कर लिया है। इस पीठ का उद्देश्य संत शिरोमणि गुरु रविदास की वाणी, विचारों और उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाकर समाज को एक सूत्र में बांधना है। इस अवसर पर सूरजभान कटारिया, आत्मा राम परमार, सूरज कैरो, जसवंत पठानिया, जय सिंह पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार सैनी, रविंद्र सांगवान, हितेंद्र चौधरी, केसी रंगा आदि मौजूद रहे।

श्री गुरु रविदास धर्मशाला एवं मंदिर में 5वें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन सत्र का शुभारंभ करते मुख?- फोटो : Kurukshetra

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