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Kurukshetra News: चंडीगढ़ पैदल मार्च के दौरान जीटी रोड पर बैठे अतिथि अध्यापक, नेशनल हाईवे पर लगाया जाम

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कुरुक्षेत्र। हाईवे पर बैठे अथिति अध्यापक नारेबाजी करते हुए। संवाद
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कुरुक्षेत्र। नियमितीकरण की मांग के लिए चंडीगढ़ पैदल मार्च पर निकले हजारों अतिथि अध्यापकों के जीटी रोड पर बैठने से रविवार को नेशनल हाईवे पर करीब 15 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रदर्शनकारी शिक्षकों के हाईवे पर बैठकर जाम लगाने से अंबाला की ओर जाने वाला यातायात प्रभावित हुआ। स्थिति को देखते हुए पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस वैन भी मंगवाई गई। हालांकि, बाद में पुलिस के समझाने पर शिक्षक हाईवे से हटकर सर्विस लेन पर बैठ गए और प्रदर्शन जारी रखा।
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असल में मांगों को लेकर हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापक रविवार दोपहर कुरुक्षेत्र के ताज पार्क से चंडीगढ़ के लिए पैदल न्याय यात्रा पर निकले थे। पिपली मिनी जू के पास पहुंचने पर शिक्षक जीटी रोड पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। महिला अध्यापिकाओं ने छाती पीटकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाए। इससे सड़क पर वाहनों की कतारें लग गईं और यातायात को सर्विस लेन से निकालना पड़ा।

मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने का प्रयास किया लेकिन शुरुआत में शिक्षक बातचीत के लिए तैयार नहीं हुए, इसके बाद पुलिस ने उन्हें समझाया, जिसके बाद वे हाईवे से हटकर सर्विस लेन पर बैठ गए। कुछ समय बाद अतिथि अध्यापक चंडीगढ़ की ओर पैदल रवाना हो गए। इस दौरान पुलिस बल भी उनके साथ मौजूद रहा।
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राज्यपाल को सौंपेंगे ज्ञापन

अतिथि अध्यापक संघ के महासचिव भूपेंद्र सिंह का कहना है कि वे पैदल ही चंडीगढ़ जाएंगे और वहां राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि अध्यापक लगातार सरकार के हर वादे पर विश्वास करते रहे हैं लेकिन उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि यात्रा का पड़ाव शाहाबाद में रहेगा इसके बाद अध्यापक फिर से चंडीगढ़ के लिए रवाना होंगे।

जोनल रैलियां होंगी, सीएम कैंप कार्यालय का फिर करेंगे घेराव

अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा कि अब आंदोलन को तेज किया जाएगा। उन्होंने एलान किया कि एक नवंबर को छह जिलों में जोनल रैलियां आयोजित की जाएंगी इसके बाद 14 और 15 नवंबर को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

10 को भी किया था कैंप कार्यालय का घेराव

इससे पहले अतिथि अध्यापकों ने 10 अक्तूबर को मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया था। अतिथि अध्यापकों का नियमितीकरण की मांग को लेकर 23 जून से कुरुक्षेत्र के लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना भी जारी है।

कुरुक्षेत्र। हाईवे पर बैठे अथिति अध्यापक नारेबाजी करते हुए। संवाद

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