खुद मियां फजीहत, औरों को नसीहत। यह कहावत जिला प्रशासन पर सटीक बैठ रही
है। धर्मनगरी को स्वच्छ मॉडल बनाने के लिए स्थानीय विधायक से लेकर जिला
प्रशासन तक बड़े-बड़े दावे कर रहे हों, लेकिन उपायुक्त निवास के आसपास ही
इन दावे हवा में उड़ाए जा रहे हैं।
नगर परिषद की लापरवाही के कारण यहां
कूड़े का अंबार लगा हुआ है। उपायुक्त निवास के पास स्थित डीसी कॉलोनी सहित
आधा दर्जन अन्य विभागीय कॉलोनियाें के साथ ही सेक्टर-13 और कैलाश नगर की भी
सूरत बिगड़ रही है। उपायुक्त निवास के लगभग 200 मीटर की परिधि में लगे
कूढ़े के ढेरों से दुर्गंध फैलती रहती है।
इससे बीमारियों की आशंका भी बढ़
रही है। गंदगी के कारण केडीबी रोड से डीसी निवास, डीसी कॉलोनी, कैलाश नगर
और सेक्टर-13 को जोड़ने वाली सड़क से लोगों का गुजरना दुश्वार हो गया है।
कूड़े के ढेरों के चलते आवारा पशुओं ने भी अपना कब्जा जमा लिया है। दर्जनों
आवारा पशु कूड़े में घूमते रहते हैं।
सीवरेज ओरवफ्लो, बीबीएमबी कार्यालय की सड़क का संपर्क कटा
यहां
सीवरेज व्यवस्था भी ठप पड़ी है। सीवरेज पानी ओवरफ्लो होने से डीसी निवास
के साथ ही स्थित बीबीएमबी कार्यालय को सेक्टर-13 और कैलाश नगर की ओर से
जाने वाली सड़क पर एक माह से अधिक समय से गंदा पानी भरा हुआ है।
पार्क भी बदहाल
डीसी
निवास के ठीक सामने स्थित पार्क भी बदहाल हो चुका है। इस पार्क के साथ
लगती ग्रीन बेल्ट भी अनदेखी के कारण मिटने के कगार पर पहुंच गई है। वर्षों
से पार्क और ग्रीन बेल्ट की हो रही अनदेखी से यहां लोगों का बैठना पूरी तरह
से बंद हो चुका है।
अपने निवास के आसपास ही अनदेखी
कूड़े के
ढेर और इससे उठ रही दुर्गंध से परेशान कैलाश नगर के दुकानदार प्रदीप,
संदीप, जय-प्रकाश, प्रेम कुमार, राजपाल और अन्य लोगों का कहना है कि जब
डीसी आवास के आसपास ही गंदगी का यह आलम है। फिर पूरे शहर को क्या उम्मीद हो
सकती है। ऐसे हालात में शहर को स्वच्छ मॉडल बनाया जाना बेमानी लगता है।
उन्होंने बताया कि यहां रहना दुश्वार हो चुका है।
मेरे संज्ञान में नहीं : जगत
नगर
परिषद ईओ एमएस जगत का कहना है कि इस क्षेत्र में फैली गंदगी अभी तक मेरे
संज्ञान में नहीं थी। अभी पता चला है, जिसके साथ ही यहां से गंदगी की पूरी
तरह से सफाई करवा दी जाएगी। नगर परिषद सफाई के प्रति गंभीरता से कार्य कर
रही है।