सरकार द्वारा लॉकडाउन के चलते बीपीएल और गुलाबी राशन कार्ड धारकों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। हरे कार्ड पर राशन नहीं मिलने पर विरोध जताते हुए दिदार नगरवासी कई महिलाएं सोमवार को लघु सचिवालय पहुंची। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा को ज्ञापन सौंपा और हरे कार्ड पर भी राशन उपलब्ध कराने की मांग रखी। महिलाओं ने कहा कि उनके परिवार में आय का कोई अन्य स्त्रोत नहीं हैं। लॉकडाउन के दौरान सरकार द्वारा बीपीएल व गुलाबी कार्ड पर तो राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं हरे कार्ड धारकों के लिए कोई सुविध उपलब्ध नहीं कराई गई।
रेखा, अंजू, राजेश, मनीष, संगीता, नैना, राकेश, रामू व दीपक ने कहा कि वह दिहाड़ी मजदूरी का कार्य करते हैं, लेकिन उनके हरे राशन कार्ड बने हुए हैं, इसलिए उन्हें अन्न का एक भी दाना नहीं मिल पा रहा। उन्होंने करीब पांच पहले बीपीएल कार्ड के लिए आवेदन किया था। अभी तक उनका पीला राशन कार्ड बनकर नहीं आया। इससे उन्हें डिपो से राशन नहीं मिल पा रहा। रेखा रानी ने कहा कि उसके पति दिहाड़ी करते हैं। लॉकडाउन में कोई काम न मिलने से अपने परिवार का पेट पालने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनके एरिया में कई पीले कार्ड धारकों के तो पक्के मकान बने हुए हैं। ऐसे कार्ड धारक सरकार की सुविधा का फायदा उठा रहे हैं। वहीं कई हरे कार्ड वालों के घर कच्चे होने के बावजूद उन्हें कोई सुविधा उपलब्ध नहीं मिल पा रही। वह पीले राशन कार्ड के लिए कई माह पहले आवेदन कर चुुके हैं, लेकिन आज तक उनका कार्ड बन कर नहीं आया। हरा कार्ड लेकर जब डिपो होल्डर के पास राशन लेने के लिए जाते हैं तो वह यह कहकर मना कर देता है कि पहले पीला या गुलाबी कार्ड लेकर आईये। महिलाओं ने कहा कि प्रशासन को दोबारा सर्वे करना चाहिए, इस सर्वे में सभी जरूरतमंद लोगों का चयन कर उन्हें ही राशन उपलब्ध कराना चाहिए। सर्वे में पीले कार्ड धारकों में से उनका नाम काट देना चाहिए, जोकि साधन संपन्न हैं। ऐसा करने से सरकार द्वारा जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाई जाने वाली हर एक सहायता सही लोगों तक पहुंचेगी।