बाबैन। अनाजमंडी में शाम को गेहूं इकठ्ठा करते किसान। श्रमिक
बाबैन। गेहूं में नमी के कारण अनाज मंडी में सरकारी खरीद दूसरे दिन भी शुरू नहीं हो सकी। चार ही किसान गेहूं की फसल लेकर पहुंचे। खरीद प्रक्रिया शुरू न होने का मुख्य कारण अधिक नमी बताया जा रहा है। मार्केट कमेटी सचिव गुरमीत सैनी ने बताया कि गेहूं की खरीद के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। जैसे ही फसल की नमी निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी, तुरंत सरकारी खरीद शुरू कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी ने भी बाबैन अनाज मंडी का दौरा कर गेहूं खरीद के लिए की गई तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंडी में किसानों के प्रवेश, फसल पंजीकरण, गुणवत्ता जांच, खरीद प्रक्रिया और लिफ्टिंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गेट पास प्रणाली, बायोमीट्रिक व्यवस्था और फसल की गुणवत्ता जांच प्रणाली की भी गहन समीक्षा की गई। कैलाश सैनी ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा के बिना उनकी फसल की बिक्री सुनिश्चित करना है। मोबाइल एप से किसानों को फसल पंजीकरण और अन्य संबंधित जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी। बायोमीट्रिक प्रणाली के बारे में बताया कि इसके जरिये सुनिश्चित किया जाएगा कि किसान किस क्षेत्र से फसल लेकर आया और उसकी मात्रा कितनी है। यह व्यवस्था पहली बार लागू की गई है, जोकि भविष्य में खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
बाबैन। अनाजमंडी में शाम को गेहूं इकठ्ठा करते किसान। श्रमिक