मौसम साफ होने व सरकारी खरीद नजदीक होने के चलते मंडियों में धान की आवक भी तेज हो गई है। जिले की अनाज मंडियां धान से अटने लगी है। मंडियों में अव्यवस्थाओं के बीच ही शनिवार से धान की सरकारी खरीद शुरू होगी, जिसके लिए न केवल आढ़ती बल्कि प्रशासनिक अधिकारी भी वीरवार को दिन भर बैठक कर तैयारियां मुक्कमल करने में जुटे रहे।
हालांकि अभी भी मंडियों में पीने के पानी से लेकर शौचालय व साफ- सफाई जैसी सुविधाएं भी पूरी नहीं की जा सकी। थानेसर अनाजमंडी में करीब एक लाख क्विंटल पीआर धान बिक्री के लिए तैयार है। शनिवार को खरीद शुरू होते ही इस धान की बिक्री के पर्चे काटे जाएंगे। बताया जा रहा है कि इस बार डीएफएससी व हैफेड को धान खरीद का जिम्मा सौंपा गया है।
पिछले दो दिन में ही जिले भर की मंडियों में करीब दो लाख क्विंटल धान की आवक मानी जा रही है। मौसम साफ होने पर अब धान में नमी भी सामान्य रह गई है, जिसके चलते बारिक किस्म की धान की बिक्री में भी तेजी आने लगी है। थानेसर अनाजमंडी में वीरवार को 1509 किस्म का धान 3650 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका है।
मंडी में धान लेकर आए किसान सुखबीर का कहना था कि किसान पहले मौसम व सरकार की लेटलतीफी की मार झेल चुके हैं। भारी नुकसान भी झेला है, लेकिन अब मौसम और सरकार दोनों की ही मेहरबानी होगी। शनिवार से खरीद शुरू होगी तो किसान को भी राहत मिलेगी।
नई अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि बारिक किस्म की धान की निजी खरीद जारी है, लेकिन पीआर धान की सरकारी खरीद शनिवार से शुरू होनी है। इसके लिए सभी आढ़तियों ने अपने स्तर पर तैयारी पूरी कर ली है। किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह का कहना है कि धान की सरकारी खरीद के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। वीरवार तक ही 70 हजार क्विंटल से अधीक पीआर धान टैग में लगाई जा चुकी है, जिसे खरीद शुरू होते ही बिक्री के पर्चे पूरे कर लिए जाएंगे। उठान भी साथ-साथ करवा दिया जाएगा।