हरियाणा रोडवेज वर्कस यूनियन (संबंधित इंटक) ने कांग्रेस हाईकमान के पास हुड्डा सरकार की शिकायत भेजी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र भेजकर यूनियन के प्रांतीय प्रेस सचिव नरेश कुमार ने प्रदेश सरकार द्वारा कर्मियों की अनदेखी, हरियाणा में प्राइवेट परमिट देने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का मुद्दा उनके ध्यानार्थ रखा है।
पत्र में लिखा गया है कि हरियाणा सरकार को 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया था और पांच-छह पर बार मीटिंग होने के बाद इसे स्वीकार भी कर लिया गया।
मीटिंग के दौरान हरियाणा सरकार ने सभी मांगों को मानते हुए इन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक इन्हें लागू नहीं किया गया।
नरेश ने पत्र में कहा है कि हरियाणा सरकार ने हमेशा कर्मचारियों से टकराव रखा है, चाहे वह बिजली निगम, मिड डे मील, आशा वर्कर हों या फिर हरियाणा रोडवेज कर्मी, सभी के साथ प्रदेश सरकार का रवैया टकरावपूर्ण रहा है।
हरियाणा रोडवेज के कर्मियों को अब सरकार पक्का नहीं करना चाहती। प्रदेश सरकार द्वारा दिए जा रहे प्राईवेट परमिट रद्द करने की अपील भी पत्र में कांग्रेस हाईकमान से की गई है।
‘अमर उजाला’ से बातचीत करते हुए नरेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार बार-बार आश्वासन देने के बाद मांगों को लागू नहीं कर रही, जो कि कर्मियों के साथ अन्याय है।
इसी रवैये से ही तंग आकर उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा है। नरेश ने बताया कि पत्र में लोकसभा चुनाव परिणाम और निकट भविष्य में होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया है।
23 मई को होगा दो घंटे का प्रदर्शन
प्रदेशाध्यक्ष आजाद सिंह मलिक और प्रांतीय महासचिव सतपाल रोहिला ने बताया कि 23 मई को सरकार के ढुलमुल रवैये के खिलाफ दो घंटे के लिए सभी डिपो तथा सब डिपो पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
दोनों कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार ने मीटिंग के दौरान यूनियन की मांगें मानी थी, लेकिन अभी तक इनके बारे में कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, जोकि कर्मचारियों के साथ सरासर अन्याय है। मलिक ने कहा कि 7 जून को जाट धर्मशाला में कर्मचारियों का सम्मेलन होगा, जिसमें अगली रणनीति तैयार की जाएगी।